पटना | 14 मार्च, 2026
बिहार विधानसभा परिसर और माननीय विधायकों के आवासों की सुरक्षा व्यवस्था को अब ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर अपडेट किया जा रहा है। दो दिन पूर्व विधानसभा को ईमेल के जरिए मिली बम से उड़ाने की धमकी को बेहद गंभीरता से लेते हुए, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने आज एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में सुरक्षा चूक की हर गुंजाइश को खत्म करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए।
बिना आईडी एंट्री पर पूर्ण पाबंदी
बैठक के दौरान अध्यक्ष ने जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को स्पष्ट निर्देश दिया कि विधानसभा के मुख्य द्वार से प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की सघन जांच की जाए। अब बिना वैध पहचान पत्र (ID) के किसी भी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा। विशेष परिस्थितियों में केवल प्रधान मार्शल की अनुमति के बाद ही प्रवेश संभव होगा।
खुफिया निगरानी और सादे लिबास में तैनाती
सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए अध्यक्ष ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण कदम उठाने के निर्देश दिए:
- CCTV की सख्ती: पूरे विधानमंडल परिसर और सभी द्वारों पर लगे कैमरों को दुरुस्त कर चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए।
- सादे लिबास में सुरक्षा: वर्दीधारी पुलिस बल के साथ-साथ अब भारी संख्या में सादे लिबास में भी सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती होगी ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सके।
- नियमित मॉक ड्रिल: सुरक्षा बलों की तत्परता जांचने के लिए समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी और वरीय अधिकारी स्वयं आकर औचक निरीक्षण करेंगे।
विधायकों के आवास पर भी पहरा सख्त
विधानसभा परिसर के साथ-साथ वीर चंद पटेल पथ और आर ब्लॉक स्थित विधायक आवासों की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है। अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि इन रिहायशी इलाकों में मोबाइल सुरक्षा वाहन (गश्ती दल) नियमित अंतराल पर पेट्रोलिंग करेंगे ताकि माननीय सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
बैठक में मौजूद रहे दिग्गज
इस महत्वपूर्ण बैठक में बिहार विधान परिषद के माननीय सभापति श्री अवधेश नारायण सिंह, पटना जिलाधिकारी श्री त्यागराजन एस. एम., वरीय पुलिस अधीक्षक श्री कार्तिकेय शर्मा और विधानसभा की प्रभारी सचिव श्रीमती ख्याति सिंह सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने अध्यक्ष के सभी निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू करने पर सहमति जताई है।
