पटना | 13 अप्रैल, 2026
पटना नगर निगम मुख्यालय के सभागार में सोमवार को आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता के दौरान महापौर श्रीमती सीता साहू और उप महापौर श्रीमती रेशमी कुमारी ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023’ का पुरजोर समर्थन किया। महापौर ने इस कानून को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम करार दिया।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए महापौर सीता साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कानून किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रहित और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब महिलाएं नेतृत्व संभालती हैं, तो शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक न्याय जैसे जमीनी मुद्दों को अधिक प्राथमिकता मिलती है।
महापौर ने कहा कि भारत की करीब 47 करोड़ महिला मतदाता अब केवल वोट देने तक सीमित नहीं रहेंगी। उन्होंने कहा:
“आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं, लेकिन संसद और विधानसभाओं में उनकी संख्या अब भी कम है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम उन्हें केवल मतदाता नहीं, बल्कि नीति निर्धारक (Policy Makers) के रूप में स्थापित करेगा।”
उन्होंने उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और मुद्रा योजना जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाएं लाभार्थी से आगे बढ़कर शासन प्रक्रिया का हिस्सा बनें।
उप महापौर श्रीमती रेशमी कुमारी ने इसे लोकतंत्र के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में एक-तिहाई आरक्षण मिलना केवल एक संवैधानिक सुधार नहीं है, बल्कि यह देश की आधी आबादी के लिए ‘सशक्तिकरण के नए युग’ की शुरुआत है। इससे शासन व्यवस्था और अधिक जवाबदेह और संवेदनशील बनेगी।
महिला पार्षदों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर पटना के विभिन्न वार्डों की महिला पार्षद भारी संख्या में उपस्थित रहीं, जिनमें वार्ड-1 से श्रीमती छठिया देवी, वार्ड-43 से रजनी सिन्हा, वार्ड-46 से पूनम शर्मा और वार्ड-72 से संध्या यादव सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि शामिल थे। सभी ने एक स्वर में इस अधिनियम का स्वागत किया।
