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Monday, October 12, 2026
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पटना में जलजमाव से निपटने के लिए ‘मिशन मोड’ में बुडको: 364 पंप और 91 केंद्रों पर युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू

पटना | 11 अप्रैल 2026 आगामी मॉनसून के दौरान पटनावासियों को जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने के लिए बिहार राज्य शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) ने कमर कस ली है। शहर की जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सभी 91 स्थाई और अस्थाई ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों (DPS) पर मरम्मत और सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।

​प्रबंध निदेशक का सख्त निर्देश: सिर्फ एजेंसी के भरोसे न रहें अधिकारी

​बुडको के प्रबंध निदेशक ने मॉनसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केवल निजी एजेंसियों के भरोसे न बैठकर स्वयं पंपों के रखरखाव की निरंतर मॉनिटरिंग करें।

​पारदर्शिता के लिए होगी वीडियोग्राफी: सभी सम्प (Sump) के वेल की सफाई और गाद निकालने का काम शुरू हो चुका है। कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए काम पूरा होने के बाद वीडियोग्राफी कराई जाएगी और मुख्यालय स्तर पर इसकी दोबारा जाँच की जाएगी।

​91 केंद्रों पर तैनात होंगे 364 पंप

​पटना से दानापुर तक पानी निकालने के लिए एक विशाल नेटवर्क तैयार किया गया है:

​स्थाई डीपीएस: 56 (256 पंप तैनात)

​अस्थाई डीपीएस: 35 (83 पंप तैनात)

​पंपों का प्रकार: कुल 364 पंपों में से 265 बिजली से चलेंगे, जबकि बैकअप के तौर पर 99 डीजल सेट रखे गए हैं।

तीन प्रमंडलों में बंटी जिम्मेदारी
बेहतर मॉनिटरिंग के लिए बुडको ने कार्यक्षेत्र को तीन स्वतंत्र यांत्रिक कार्य प्रमंडलों में विभाजित किया है:

पटना पूर्वी (पहाड़ी मुख्यालय): अजीमाबाद और पटना सिटी क्षेत्र।

पटना मध्य (मलाही पकड़ी मुख्यालय): कंकड़बाग और बांकीपुर अंचल।

पटना पश्चिमी (राजापुर पुल मुख्यालय): पाटलिपुत्र, नूतन राजधानी, पटना पश्चिम और दानापुर क्षेत्र।

इन प्रमंडलों के गठन से न केवल जवाबदेही तय हुई है, बल्कि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई भी संभव हो सकेगी।

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