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Friday, September 25, 2026
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बुडको में नमामि गंगे एवं अमृत योजनाओं की प्रबंध निदेशक द्वारा की गई समीक्षा

बुडको में नमामि गंगे एवं अमृत योजनाओं की प्रबंध निदेशक द्वारा की गई समीक्षा

मानसून समाप्त होने के साथ ही कार्यों में तेजी लाये, पदाधिकारियों एवं संवेदक को प्रबंध निदेशक द्वारा दिया गया निर्देश

खुदाई के दौरान सुरक्षा मानक एवं निर्माण उपरांत रिस्टोरेशन हो प्राथमिकता

पटना। मानसून के विदा होने के साथ ही राजधानी समेत प्रदेश भर में जारी विकास योजनाओं को रफ्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है। बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) के मुख्यालय में प्रबंध निदेशक (MD) अनिमेष कुमार पराशर की अध्यक्षता में नमामि गंगे और ‘अमृत 2.0’ योजना की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई गई। बैठक में राज्य के सभी 38 जिलों में चल रही परियोजनाओं की प्रगति का बारीकी से ब्योरा लिया गया।

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समीक्षा के दौरान एमडी अनिमेष कुमार पराशर ने अधिकारियों और ठेकेदारों (संवेदकों) को सख्त लहजे में हिदायत दी कि बारिश का मौसम खत्म होते ही बंद या सुस्त पड़े निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानसून या नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण जहां भी काम अटका था, वहां मैनपावर और संसाधन बढ़ाकर काम तुरंत शुरू कराया जाए। लक्ष्य के मुताबिक काम पूरा करने के साथ-साथ गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में दिए गए मुख्य निर्देश:

* सुरक्षा और रिस्टोरेशन पहली प्राथमिकता: जहां भी खुदाई का काम चल रहा है, वहां सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन हो। पाइपलाइन या नाला निर्माण के बाद सड़क की तत्काल मरम्मत (रिस्टोरेशन) की जाए ताकि हादसों से बचा जा सके।

* अतिक्रमण और जमीन का पेंच सुलझाएं: एनओसी (NOC) के कारण लंबित परियोजनाओं के लिए संबंधित जिला प्रशासन और नगर निगम से बेहतर तालमेल बिठाकर काम को हरी झंडी दिलाई जाए। साथ ही, डिजाइन और ड्राइंग की प्रक्रिया को भी जल्द अंतिम रूप दिया जाए।

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* नागरिकों को न हो परेशानी: कार्यस्थलों पर अनिवार्य रूप से बैरिकेडिंग और सूचना बोर्ड (साइनबोर्ड) लगाए जाएं, ताकि आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो और दुर्घटना की आशंका खत्म हो।

इस समीक्षा बैठक में बुडको मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा सभी जिलों से आए परियोजना निदेशक (PD), उप परियोजना निदेशक (DPD) और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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