कोलकाता हादसे से सबक, पटना में डीएम और एसएसपी ने किया प्रमुख पंडालों का औचक निरीक्षण; भीड़ प्रबंधन के कड़े निर्देश
पटना, 18 अक्टूबर 2026
पूर्वी कोलकाता के चोरवगान के दुर्गा पंडाल में शनिवार शाम हुई भीषण दुर्घटना से सबक लेते हुए पटना जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। दुर्गा पूजा के अवसर पर राजधानी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने रविवार को पटना जिले के प्रमुख पूजा पंडालों का स्थलीय निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को कई सख्त निर्देश दिए।
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भीड़ प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही बर्दाश्त नहीं
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने पंडालों में श्रद्धालुओं के प्रवेश (Entry) एवं निकास (Exit) द्वारों, भीड़ नियंत्रण और समग्र सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रवेश और निकास द्वारों पर विशेष सतर्कता बरती जाए ताकि आवाजाही सुचारू रहे और भीड़ का अनावश्यक दबाव या किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
डीएम और एसएसपी ने संबंधित दुर्गा पूजा आयोजन समिति के सदस्यों को बल देकर कहा कि देश के अन्य हिस्सों (विशेषकर कोलकाता के दुर्गापुर पंडाल हादसे) में भीड़ प्रबंधन में मामूली चूक के कारण अप्रिय घटनाएं सामने आई हैं।
इन घटनाओं से सीख लेते हुए पटना के सभी दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें। सभी अधिकारी अपने निर्धारित स्थलों पर मुस्तैद रहकर स्थिति पर निरंतर नजर रखें और किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई करें।
आपातकालीन सेवाओं और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम
प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी प्रमुख पूजा पंडालों में निम्नलिखित व्यवस्थाओं को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं:
एम्बुलेंस और अग्निशमन: किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहन तैनात रहेंगे।
ध्वनि विस्तारक यंत्र: श्रद्धालुओं को निरंतर उचित मार्गदर्शन और आवश्यक सूचनाएं देने के लिए लाउडस्पीकर (पब्लिक एड्रेस सिस्टम) की मुकम्मल व्यवस्था हो।
शांतिपूर्ण आयोजन: प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कोलकाता हादसे की पृष्ठभूमि में पटना प्रशासन की यह सक्रियता यह सुनिश्चित करने के लिए है कि राजधानी में दुर्गा पूजा का पूरा पर्व अत्यंत शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित माहौल में संपन्न हो सके।
