बिहार में मॉनसून की दस्तक से पहले जलजमाव की समस्या से निपटने और जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर के निर्देश पर राज्यभर में एक व्यापक ‘प्री-मानसून निरीक्षण अभियान’ शुरू किया गया है।
प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया है कि इस बार अधिकारी सिर्फ दफ्तरों में नहीं बैठेंगे, बल्कि उन्हें पैदल घूमकर जमीन पर हर नाली, सड़क और निर्माण कार्य की बारीकी से जांच करनी होगी।
मॉनसून की तैयारी: इन ४ मुख्य बिंदुओं पर रहेगा फोकस
निरीक्षण के दौरान बुडको की टीम मुख्य रूप से चार संवेदनशील बिंदुओं की जांच करेगी, ताकि बरसात में किसी भी तरह के हादसे को रोका जा सके:
सुरक्षित बैरिकेडिंग: सभी निर्माण स्थलों (कन्स्ट्रक्शन साइट्स) पर मजबूत बैरिकेडिंग सुनिश्चित करना, ताकि रात के अंधेरे में कोई दुर्घटना न हो।
मैनहोल के ढक्कन: यह सुनिश्चित करना कि सड़कों या गलियों में कहीं भी कोई मैनहोल बिना ढक्कन के खुला न छूटे।
अनकवर्ड ड्रेन (खुले नाले): जल निकासी के मुख्य रास्तों और नालों की जांच करना ताकि पानी का बहाव बिना किसी रुकावट के हो सके।
रोड रिस्टोरेशन (सड़क मरम्मत): पाइपलाइन या अन्य कार्यों के लिए की गई खुदाई के बाद गड्ढों को पूरी तरह समतल करना, क्योंकि मॉनसून में ये गड्ढे जानलेवा साबित होते हैं।
विशेष फॉर्मेट में मांगी रिपोर्ट, ‘जियो-टैगिंग’ हुई अनिवार्य
प्रबंध निदेशक ने पटना, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत राज्य के सभी जिलों के अधिकारियों के लिए एक विशेष फॉर्मेट जारी किया है।
जवाबदेही तय: सभी प्रोजेक्ट डायरेक्टर्स (PD), डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर्स (DPD) और असिस्टेंट प्रोजेक्ट डायरेक्टर्स (APD) को इसी तय फॉर्मेट में ग्राउंड रिपोर्ट मुख्यालय भेजनी होगी।
डिजिटल सबूत: निरीक्षण की रिपोर्ट में केवल कागजी खानापूर्ति नहीं चलेगी। अधिकारियों को मौके की जियो-टैग (Location-enabled) तस्वीरें और वीडियो अनिवार्य रूप से अपलोड करने होंगे।
मैदान में तैनात रहेगी टीम: आदेश के मुताबिक, बरसात के दौरान बुडको के सभी कर्मी और अधिकारी कार्यालयों के बजाय फील्ड में अधिक सक्रिय रहेंगे।
लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी, कंपनियाँ होंगी ब्लैकलिस्ट
बैठक में प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर ने सख्त तेवर अपनाते हुए चेतावनी दी है कि प्री-मॉनसून तैयारियों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
”यदि निरीक्षण या रिपोर्टिंग में लापरवाही बरती गई और मॉनसून के दौरान कहीं भी जलजमाव हुआ या कोई अप्रिय घटना घटी, तो उसकी सीधी जवाबदेही संबंधित क्षेत्र के पदाधिकारियों की होगी। इसके साथ ही, लापरवाही बरतने वाली निर्माण कंपनियों के खिलाफ भारी जुर्माना (पेनाल्टी), डिबार और ब्लैकलिस्ट करने की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
