पटना, 15 सितंबर: बिहार के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने कहा कि अभियंताओं (इंजीनियरों) का योगदान केवल सड़क, पुल और भवन जैसी आधारभूत संरचनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में भी उनकी अहम भूमिका है।
राज्यपाल मंगलवार को अभियंता भवन, पटना में ‘बिहार अभियंत्रण सेवा संघ’ द्वारा आयोजित 59वें अभियंता दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम से पूर्व उन्होंने भारत रत्न स्व० डॉ० एम० विश्वेश्वरैया की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
संबोधन के मुख्य बिंदु:
विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर: राज्यपाल ने कहा कि बिहार में पिछले वर्षों में सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी सुधार हुआ है। राज्य में बढ़ते शहरीकरण के साथ जलापूर्ति, बिजली, सड़क, भवन और कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाओं के विकास में सिविल अभियंताओं की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी।
जल प्रबंधन व बाढ़ नियंत्रण: उन्होंने कहा कि बिहार की नदियाँ सिंचाई और कृषि के लिए वरदान हैं, लेकिन ये बाढ़ की चुनौती भी पेश करती हैं। नदियों के साथ बेहतर तालमेल बिठाते हुए जल प्रबंधन और बाढ़ से बचाव की प्रभावी व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य अनुभव: अपने सैन्य अनुभव को साझा करते हुए राज्यपाल ने बताया कि लद्दाख जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की त्वरित तैनाती के लिए बुनियादी ढाँचा (सड़क, पुल, एयरफील्ड) बेहद जरूरी होता है। बिहार की सड़क और रेल व्यवस्था भी देश की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इनसे सैन्य आवागमन आसान होता है।
पुरस्कार एवं विमोचन:
समारोह के दौरान राज्यपाल ने ई० उमेश कुमार (सेवानिवृत्त) और ई० दया शंकर मिश्रा (सेवानिवृत्त) को ‘अभियंता रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने बिहार अभियंत्रण सेवा संघ की पत्रिका ‘इंजीनियर एक्सप्रेस’ का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम में इंडियन इंजीनियर्स फेडरेशन के अध्यक्ष ई० अविनाश राउल, बिहार इंजीनियरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष ई० सुनील कुमार तथा महासचिव ई० राकेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग और सदस्य उपस्थित थे।
