Saturday, April 25, 2026
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बिहार: सम्राट चौधरी सरकार ने जीता विश्वास मत; 5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य और विपक्ष पर तीखा प्रहार

बिहार: सम्राट चौधरी सरकार ने जीता विश्वास मत; 5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य और विपक्ष पर तीखा प्रहार

पटना। बिहार विधानसभा के एकदिवसीय विशेष सत्र में शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए (NDA) सरकार ने भारी बहुमत के साथ विश्वास मत हासिल कर लिया। 243 सदस्यीय सदन में सत्ता पक्ष के पास 201 विधायकों का समर्थन रहा और विश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हो गया। सदन की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और राजनीतिक दांव-पेंच भी देखने को मिले।

​विश्वास मत पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि बिहार की समृद्धि के लिए सरकार “ट्रिपल सी” (CCC) के सिद्धांत पर काम करेगी, जिसका अर्थ है—भ्रष्टाचार (Corruption), अपराध (Crime) और सांप्रदायिकता (Communalism) पर जीरो टॉलरेंस।

निवेश और अर्थव्यवस्था के प्रमुख बिंदु:

बड़ा लक्ष्य: मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य को अब तक 1.36 लाख करोड़ रुपये का निवेश मिल चुका है।

भविष्य की योजना: अगले एक वर्ष में निवेश के इस आंकड़े को 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।

विकास कार्य: स्वास्थ्य सुविधाओं को जिला स्तर तक सुदृढ़ करने, 208 डिग्री कॉलेजों को शीघ्र शुरू करने और हवाई अड्डों के विस्तार पर जोर दिया जाएगा।


​नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा उन्हें लालू प्रसाद की ‘पाठशाला’ का छात्र बताए जाने पर मुख्यमंत्री ने कड़ा जवाब दिया। सम्राट चौधरी ने कहा, “सत्ता किसी की बपौती नहीं होती। यदि लालू जी का मुझ पर अत्याचार नहीं हुआ होता, तो आज मैं मुख्यमंत्री के पद पर नहीं बैठा होता।” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि लालू प्रसाद यादव खुद पहली बार भाजपा और आरएसएस के सहयोग से ही मुख्यमंत्री बने थे।

​मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर व्यक्तिगत कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग अपनी बहनों का सम्मान नहीं कर सकते, उनसे दूसरों के सम्मान की अपेक्षा करना व्यर्थ है।

विजय कुमार चौधरी: उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष की असली पीड़ा यह है कि एनडीए की सरकार बार-बार बन रही है, जबकि वे सत्ता से दूर हैं। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नीतीश कुमार द्वारा किए गए कार्यों को देश के लिए नजीर बताया।

बिजेंद्र प्रसाद यादव: विपक्ष द्वारा खाली खजाने के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि सरकारी खजाने में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध है।


​नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बिहार को सबसे गरीब राज्य बताया। उन्होंने मांग की कि:

​मुख्यमंत्री सभी दलों के नेताओं के साथ प्रधानमंत्री से मिलें ताकि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल सके।

​महिला आरक्षण के दायरे में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को भी शामिल किया जाए।

​राज्य के वित्तीय प्रबंधन को बेहतर किया जाए।

​विश्वास मत हासिल करने के बाद अब सम्राट चौधरी सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती निवेश के दावों को धरातल पर उतारने और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की होगी। वहीं, विपक्ष ने विशेष राज्य के दर्जे और आर्थिक पिछड़ेपन को मुद्दा बनाकर सरकार की घेराबंदी जारी रखने के संकेत दिए हैं।

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