मुंगेर 28 अप्रैल, 2026 बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज अपने गृह जिले मुंगेर के असरगंज प्रखंड स्थित बैजलपुर गांव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 133वें संस्करण को सुना। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद पहली बार अपने गांव पहुंचे श्री चौधरी का स्थानीय जनता ने ऐतिहासिक स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री भावुक भी नजर आए और उन्होंने बिहार के विकास के लिए कई क्रांतिकारी घोषणाएं कीं।
प्रशासनिक सुधार: फाइलों में देरी पर गिरेगी गाज
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी कामकाज में सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा:
फाइल मॉनिटरिंग: एक माह से अधिक समय तक फाइल दबाकर रखने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
पंचायत कैंप: जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हर माह दो दिन पंचायतों में ‘सहयोग कार्यक्रम’ के तहत विशेष कैंप लगाए जाएंगे।
CMO से निगरानी: ब्लॉक, अंचल और थानों की कार्यप्रणाली की सीधी निगरानी अब मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से की जाएगी।
अतिक्रमण पर कड़ा रुख: “अपने घर की सीढ़ी टूटने से परहेज नहीं”
कानून के शासन का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि प्रशासन तारापुर स्थित उनके अपने घर की सीढ़ी (जो सरकारी जमीन पर हो सकती है) को तोड़ रहा है। उन्होंने साफ कहा, “अतिक्रमण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगा, चाहे वह किसी का भी हो। सरकारी जमीन को हर हाल में मुक्त कराया जाएगा।”
औद्योगिक क्रांति और निवेश का लक्ष्य
बिहार को निवेश का हब बनाने के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:
5 लाख करोड़ का निवेश: नवंबर 2026 तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य है ताकि बड़े पैमाने पर फैक्ट्रियां लग सकें।
बिजली में आत्मनिर्भरता: 125 यूनिट फ्री बिजली के बाद अब सरकार छतों पर सोलर प्लेट लगाएगी ताकि उपभोक्ताओं को 150 यूनिट तक बिजली स्वयं प्राप्त हो सके।
रोजगार: मजबूरी में किसी को बिहार से बाहर न जाना पड़े, इसके लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग लगाए जा रहे हैं। मई माह में महिला उद्यमियों को शेष राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
मुंगेर को बुनियादी ढाँचे की सौगात
मरीन ड्राइव: मुंगेर से भागलपुर तक मरीन ड्राइव का निर्माण किया जा रहा है।
कनेक्टिविटी: कोलकाता एक्सप्रेस-वे के पूरा होने पर मुंगेर से कोलकाता की दूरी मात्र 5-6 घंटे रह जाएगी। असरगंज में खेल के मैदान के लिए जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सिंचाई: गंगा के पानी को झीलों और डैम में संग्रहित कर किसानों को सिंचाई संकट और बाढ़ से मुक्ति दिलाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अंत में तारापुर की जनता का आभार जताते हुए कहा कि वे इस क्षेत्र के ऋणी हैं और ‘तारापुर का बेटा’ बिहार को सुंदर और समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
