बिहार किसान सलाहकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष राजाराम सिंह राज्यपाल द्वारा हुए सम्मानित
‘कृषि: आत्मनिर्भरता से उद्यमिता की ओर’ – बिहार लोक भवन में ‘किसान सहयोग विमर्श’ संपन्न
पटना, 27 अक्टूबर 2026: ‘विकसित भारत @2047’ के राष्ट्रीय संकल्प को धरातल पर उतारने और अन्नदाताओं को सशक्त बनाने की दिशा में आज पटना स्थित ‘बिहार लोक भवन’ में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम ‘किसान सहयोग विमर्श’ का आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम का मुख्य विषय “कृषि: आत्मनिर्भरता से उद्यमिता की ओर” था, जिसका उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर कृषि-उद्यमी (Agri-Entrepreneur) बनाना है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर बिहार किसान सलाहकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष राजाराम सिंह को कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए बिहार के महामहिम राज्यपाल (सेवानिवृत्त) लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन के कर-कमलों द्वारा अंगवस्त्र एवं मोमेंटो भेंट कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान न केवल राजाराम सिंह के व्यक्तिगत प्रयासों को, बल्कि राज्य के किसानों के बीच सकारात्मक बदलाव लाने के उनके सामूहिक संकल्प को भी रेखांकित करता है। कार्यक्रम में बिहार भर से आए किसानों का भी सम्मान किया गया।
गणमान्य अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस राज्य-स्तरीय विमर्श में देश और प्रदेश की कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने शिरकत की और अपना बहुमूल्य मार्गदर्शन प्रदान किया:
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय संपर्क प्रमुख रामलाल जी, विशिष्ट अतिथि प्रो० धनंजय सिंह जी (सदस्य सचिव, ICSSR, नई दिल्ली) पुतुल सिंह जी (पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ नेत्री) ए० कयूम जी (निदेशक/डिप्टी सीईओ, आयुष मंत्रालय, नई दिल्ली) शैलेश वत्स जी (महासचिव, इन्फिनाइट न्यू इंडिया – विकसित भारत @2047) उपस्थित थे।
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कृषि का आधुनिकीकरण और उद्यमिता है प्राथमिकता
सम्मान ग्रहण करने के पश्चात राजाराम सिंह ने अपने संदेश में कहा कि यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि उन तमाम अन्नदाताओं और कृषि सलाहकारों का है जो लगातार मेहनत कर रहे हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत @2047’ के सपने को साकार करने के लिए कृषि का आधुनिकीकरण, तकनीकी एकीकरण और किसानों को उद्यमी बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर चर्चा की कि कैसे किसान अपनी उपज को मूल्य-संवर्धित (Value-added) उत्पादों में बदलकर वैश्विक बाजारों तक पहुँच सकते हैं। इस सफल आयोजन ने बिहार में कृषि आधारित स्टार्टअप और उद्यमिता के नए द्वार खोल दिए हैं।
