Sunday, September 20, 2026
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विद्यापति भवन में आंगनवाड़ी कर्मचारियों का छठा राज्य सम्मेलन शुरू, 500 से अधिक प्रतिनिधियों ने भरी हुंकार, सरकारी दर्जा और मानदेय वृद्धि की उठी मांग

बिहार राज्य आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन (एटक से सम्बद्ध) का दो दिवसीय 'छठा राज्य सम्मेलन' शनिवार को राजधानी पटना के विद्यापति मार्ग स्थित विद्यापति भवन में धूमधाम से शुरू हुआ। 19 और 20 सितंबर 2026 तक चलने वाले इस सम्मेलन में पूरे राज्य भर से 500 से अधिक आंगनवाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं ने प्रतिनिधि के रूप में हिस्सा लिया।  

विद्यापति भवन में आंगनवाड़ी कर्मचारियों का छठा राज्य सम्मेलन शुरू, 500 से अधिक प्रतिनिधियों ने भरी हुंकार, सरकारी दर्जा और मानदेय वृद्धि की उठी मांग

पटना। बिहार राज्य आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन (एटक से सम्बद्ध) का दो दिवसीय ‘छठा राज्य सम्मेलन’ शनिवार को राजधानी पटना के विद्यापति मार्ग स्थित विद्यापति भवन में धूमधाम से शुरू हुआ। 19 और 20 सितंबर 2026 तक चलने वाले इस सम्मेलन में पूरे राज्य भर से 500 से अधिक आंगनवाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं ने प्रतिनिधि के रूप में हिस्सा लिया।

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कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन एटक के राष्ट्रीय नेता विजय जेना द्वारा किया गया। इस मौके पर बिहार आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन की अध्यक्ष व पूर्व विधायक उषा सहनी तथा महासचिव कुमार बिन्देश्वर समेत संगठन के कई वरिष्ठ नेता मंच पर उपस्थित रहे।

सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के हक की लड़ाई को तेज करने का संकल्प दोहराया। साथ ही, यूनियन द्वारा अपनी 15 सूत्री मुख्य मांगों का एक मांग पत्र रखा गया, जिनमें प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

सरकारी कर्मी का दर्जा: आंगनवाड़ी सेविका को वर्ग-3 और सहायिका को वर्ग-4 का सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए।

मानदेय में बढ़ोतरी: सरकारी कर्मी घोषित होने तक सेविका को ₹26,000 और सहायिका को ₹18,000 मासिक मानदेय का भुगतान हो।

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ग्रेच्युटी और पेंशन: सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार ग्रेच्युटी दी जाए तथा सेवानिवृत्ति पर ₹10 लाख एकमुश्त या ₹10,000 मासिक पेंशन का प्रावधान किया जाए।

बकाया मानदेय व अन्य भुगतान: पिछले 6-7 महीनों से लंबित मानदेय, अप्रैल-मई 2026 का एलपीजी गैस बिल, वर्ष 2021 से लंबित यूनिफॉर्म की राशि और विगत 6 महीनों के अन्नप्राशन व गोदभराई की बकाया राशि का तुरंत भुगतान हो।

संसाधनों की उपलब्धता: सेविकाओं के खाते में गुणवत्तापूर्ण मोबाइल, रिचार्ज राशि और बर्तन हेतु राशि सीधे भेजी जाए। साथ ही आकस्मिकता निधि (कंटिनजेंसी फंड) का पैसा भी सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो।

पोशाक की जांच व ग्रीष्मावकाश: जीविका द्वारा दी जा रही घटिया गुणवत्ता की पोशाक की जांच कराई जाए, बाजार मूल्य पर पोषाहार राशि मिले और तमिलनाडु की तर्ज पर 1 महीने का अग्रिम पोषाहार देकर एक महीने का ग्रीष्मावकाश लागू किया जाए।

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प्रमोशन और अनुभव प्रमाण पत्र: सेविका से महिला पर्यवेक्षिका के पद पर प्रोन्नति हेतु हड़ताल अवधि को सेवा निरंतरता मानते हुए अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश सभी CDPO को दिया जाए।

सम्मेलन के दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि अगर सरकार उनकी जायज मांगों को जल्द पूरा नहीं करती है, तो यूनियन आने वाले दिनों में और अधिक उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। रविवार को सम्मेलन के दूसरे दिन सांगठनिक प्रस्तावों और भावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

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