पटना:
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 15 सितंबर 2026 (मंगलवार) को मंत्रिपरिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के विकास, पर्यटन, स्वास्थ्य, कृषि और नागरिक उड्डयन से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
कैबिनेट बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों के मुख्य अंश निम्नलिखित हैं:
1. पर्यटन: काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर संवरेगा विष्णुपद मंदिर क्षेत्र
पर्यटन विभाग के अंतर्गत गया जिले स्थित प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर परिक्षेत्र का काशी विश्वनाथ कॉरिडोर (वाराणसी) की तर्ज पर समग्र विकास किया जाएगा। इसके लिए 2520 करोड़ रुपये का प्राक्लन स्वीकृत किया गया है। इसके साथ ही सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के निर्माण कार्य हेतु 996.05 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 3516.05 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
2. स्वास्थ्य क्षेत्र: 366 डॉक्टरों की संविदा बहाली और मेडिकल कॉलेजों में पद
स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कैबिनेट ने कई बड़े निर्णय लिए:
राज्य के 5 शासकीय मेडिकल कॉलेजों (बेतिया, पूर्णिया, मधेपुरा, छपरा और समस्तीपुर) में सहायक प्राध्यापक के 366 रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति होने तक संविदा के आधार पर नियोजन की स्वीकृति दी गई।
राजकीय दंत महाविद्यालय एवं अस्पतालों में भी प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों पर संविदा नियोजन को मंजूरी मिली।
लगातार अनुपस्थित रहने के आरोप में बहादुरपुर, खगड़िया के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रवि शंकर प्रसाद को सेवा से बर्खास्त करने (सेवाच्युति) का निर्णय लिया गया।
3. नागरिक उड्डयन: ‘मॉडिफाइड उड़ान योजना’ से जुड़ेगा बिहार
बिहार में हवाई संपर्क (Air Connectivity) के विस्तार हेतु भारत सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना Modified UDAN Scheme के तहत नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और राज्य सरकार के बीच MoU पर हस्ताक्षर की स्वीकृति दी गई।
इसके अलावा, “बिहार राज्य विमानन संवर्ग भर्ती नियमावली, 2026” के गठन को मंजूरी दी गई, जिससे विमानन विभाग में तकनीकी व गैर-तकनीकी पदों पर भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।
4. कृषि व बागवानी: मखाना और एडिबल ऑयल मिशन को वित्तीय मंजूरी
मखाना विकास योजना (2026-27): केंद्रीय क्षेत्र की इस योजना के कार्यान्वयन के लिए 89.79 करोड़ रुपये से अधिक (8979.684 लाख रुपये) की राशि स्वीकृत की गई।
एडिबल ऑयल – ऑयल पाम मिशन: वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 2.10 करोड़ रुपये की स्वीकृति।
एकीकृत बागवानी विकास मिशन: दो वर्षों (2026-27 से 2027-28) के लिए कुल 78.34 करोड़ रुपये का बजट मंजूर।
5. गृह विभाग: जेलों की खाली जमीन पर खुलेंगे पेट्रोल पंप
गृह (कारा) विभाग के अंतर्गत राज्य की जेलों में खाली पड़ी जमीन पर पेट्रोल पंप (कारा पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट) स्थापित किए जाएंगे।
केंद्रीय कारा पूर्णिया और शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा मुजफ्फरपुर में ‘इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ (IOCL) द्वारा संचालन होगा।
केंद्रीय कारा बक्सर और शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा भागलपुर में ‘हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ (HPCL) द्वारा आउटलेट का अधिष्ठापन एवं संचालन किया जाएगा।
6. अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
जल संसाधन:बिहार जलस्रोत पुनस्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 की स्वीकृति। इसके साथ ही बाढ़ व सिंचाई क्षेत्र हेतु 1000 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि की मंजूरी दी गई।
बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय: पटना में पैरावेट स्कूल की स्थापना हेतु अनुदेशक व लिपिकीय श्रेणी के 6 पदों के सृजन को मंजूरी।
सूचना आयोग: बिहार सूचना आयोग में राज्य सूचना आयुक्त के दो नए अतिरिक्त पदों के सृजन की स्वीकृति।
खान एवं भूतत्व: ईंट-भट्ठों के बकाया राशि के समाधान हेतु ‘वन टाइम सेटलमेंट योजना’ तथा बिहार जिला खनिज फाउंडेशन (संशोधन) नियमावली, 2026 को हरी झंडी।
ग्रामीण विकास: विकसित भारत-जी राम जी-शिकायत निवारण नियमावली, बिहार 2026 की स्वीकृति।
