Friday, August 14, 2026
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विजन 2030′ से बिहार बनेगा अग्रणी मत्स्य उत्पादक राज्य, सीवान-मुंगेर समेत कई जिलों में बनेंगे विशेष क्लस्टर: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

पटना (न्यूजलहर ब्यूरो):

बिहार को देश के अग्रणी अंतर्देशीय मत्स्य पालन राज्यों में शामिल करने और ब्लू इकॉनमी (Blue Economy) को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में ‘विजन 2030 – बिहार मत्स्य प्राथमिकता परियोजना’ की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, प्रसंस्करण, मूल्यवर्द्धन (Value Addition) तथा मत्स्यपालकों की आय दोगुनी करने के रोडमैप पर विस्तार से चर्चा हुई।

8 प्राथमिकता परियोजनाएं और 50,200 मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य

डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि ‘विजन 2030’ के तहत 8 प्राथमिकता परियोजनाओं को लागू किया जाएगा:

क्षेत्रीय विस्तार: 1,848.75 हेक्टेयर का प्रत्यक्ष क्षेत्र तथा 9,357 हेक्टेयर का परियोजना प्रभाव क्षेत्र विकसित किया जाएगा।

उत्पादन लक्ष्य: इन परियोजनाओं के माध्यम से 50,200 मीट्रिक टन अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

वित्तीय सहायता: परियोजनाओं के लिए Fisheries and Aquaculture Infrastructure Development Fund (FIDF) तथा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) से वित्तीय मदद ली जाएगी।

इन जिलों में विकसित होंगे विशेष मत्स्य क्लस्टर

क्षेत्रीय संभावनाओं को देखते हुए राज्य के विभिन्न जिलों में विशेष क्लस्टर बनाए जाएंगे:

सीवान: आर्द्रभूमि (Wetland) क्लस्टर का समग्र विकास।

सारण: स्कैंपी क्लस्टर (मीठे पानी के बड़े झींगे का उत्पादन)।

मुंगेर: केज कल्चर (Cage Culture) क्लस्टर।

मिथिला (विशेषकर मधुबनी): आर्द्रभूमि आधारित मत्स्य पालन क्लस्टर।

मोतिहारी: मत्स्य समग्र क्लस्टर।

मुख्यमंत्री के प्रमुख दिशा-निर्देश

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:

मत्स्यजीवी सहयोग समितियों का सशक्तीकरण: समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए उनके कौशल विकास, तकनीकी क्षमता और प्रबंधन में सहयोग दिया जाए।

आधुनिक तकनीक का उपयोग: राज्य के उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए वैज्ञानिक पद्धतियों और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जाए।

पूरी वैल्यू चेन की मजबूती: उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और मार्केट लिंकेज तक की पूरी चेन को मजबूत किया जाए ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिले।

बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी

इस महत्वपूर्ण बैठक में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, सहकारिता सचिव धर्मेन्द्र सिंह, मत्स्य निदेशक तुषार सिंगला समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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