पटना, 5 अगस्त 2026: पटना में सफाई मजदूरों के एक वर्ग की हड़ताल के बीच शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने को लेकर पटना नगर निगम प्रशासन सख्त हो गया है। निगम के निर्देशों और अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने पर आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर ₹18.59 करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक दंड लगाया गया है। इसके साथ ही एजेंसियों को लगातार तीसरा शो-कॉज नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जुर्माने की राशि निगम कोष में जमा कराने का कड़ा निर्देश दिया गया है।
नगर निगम द्वारा हड़ताल के दौरान सभी आउटसोर्सिंग एजेंसियों को लिखित एवं मौखिक आदेश दिए गए थे कि वे हड़ताल में शामिल न हों और वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मियों व चालकों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इसके बावजूद 30 जुलाई से 5 अगस्त के बीच एजेंसियों द्वारा उपलब्ध कराए गए मानवबल और चालकों की संख्या नगण्य रही, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ा।
दो दिनों में लगाई गई पेनाल्टी का ब्योरा
3 अगस्त 2026:
मॉर्यन कार्स ऑटो सर्विसेज: ₹9,58,65,500
वर्चुअस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड: ₹4,58,400
एम4 सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड: ₹3,21,000
4 अगस्त 2026:
मॉर्यन कार्स ऑटो सर्विसेज: ₹8,81,25,900
वर्चुअस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड: ₹4,47,900
एम4 सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड: ₹3,05,100
कुल जुर्माना ₹63.16 करोड़ पर पहुंचा
3 और 4 अगस्त को हुई गंभीर लापरवाही को मिलाकर नगर निगम अब तक संबंधित एजेंसियों पर कुल ₹63.16 करोड़ का आर्थिक दंड लगा चुका है।
निगम प्रशासन ने साफ किया है कि राजधानी की सफाई व्यवस्था को युद्धस्तर पर सुचारु रखने के लिए निगरानी जारी रहेगी। आने वाले दिनों में भी यदि बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर मानवबल या चालकों की अनुपस्थिति पाई जाती है, तो प्रतिदिन के हिसाब से निर्धारित दर पर अतिरिक्त पेनाल्टी लगाई जाएगी।
