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Saturday, October 24, 2026
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बंटी यादव हत्याकांड: प्रशांत किशोर ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात, सरकार के ‘आपराधिक चरित्र’ पर उठाए गंभीर सवाल

पटना, 16 जुलाई 2026

जन सुराज पार्टी के सूत्रधार और बांकीपुर उपचुनाव में प्रत्याशी प्रशांत किशोर (पीके) ने गुरुवार को पटना के न्यू करबिगहिया निवासी दिवंगत बंटी कुमार यादव के परिजनों से मुलाकात की। शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाते हुए उन्होंने न्याय की लड़ाई में हर संभव साथ देने का भरोसा दिलाया। मीडिया से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने इस पूरी घटना के लिए पुलिस की घोर लापरवाही और सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लिया।

​पीड़ित परिवार की तीन प्रमुख मांगें:

​प्रशांत किशोर ने पीड़ित परिवार की आवाज़ को बुलंद करते हुए प्रशासन के सामने तीन मुख्य मांगें रखीं:

​दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी: नामजद प्राथमिकी (FIR) में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर सख्त से सख्त कानूनी सजा दी जाए।

​लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई: कोतवाली और जक्कनपुर थाना के जिन पुलिस पदाधिकारियों ने लापरवाही बरती और पीड़ित परिवार को परेशान किया, उन्हें तुरंत निलंबित कर उन पर कार्रवाई हो।

​मुआवजा और नौकरी: पीड़ित परिवार बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आता है। सरकार बंटी यादव की पत्नी या परिवार के किसी योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा प्रदान करे।

पुलिस की लापरवाही और वादाखिलाफ़ी पर बरसे पीके

​घटनाक्रम का जिक्र करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि चार-पांच दिन पहले जब पीड़ित परिवार धरने पर बैठा था, तब पुलिस ने आश्वासन दिया था कि दो दिनों के भीतर लड़के को ढूंढ लिया जाएगा। पुलिस के भरोसे पर परिवार ने धरना समाप्त कर दिया।

​”पुलिस की बात मानकर परिवार के लोग कोतवाली थाने गए, लेकिन वहां दिनभर मां और भाई को बिठाकर रखा गया और कोई सहयोग नहीं मिला। पुलिस के आश्वासन के चार दिन बाद आज बच्चे की लाश मिलती है। यह पूरी तरह से पुलिस तंत्र की नाकामी है।” — प्रशांत किशोर

​”मरे हुए व्यक्ति के चरित्र पर सवाल उठाना पुलिस की ओछी मानसिकता”

​बंटी यादव की मौत के बाद पुलिस द्वारा उसे शराब के कारोबार से जोड़ने के दावों पर प्रशांत किशोर ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी नाकामी और जान बचाने के लिए एक मृतक के चरित्र पर कीचड़ उछाल रही है, जो सरासर नाइंसाफी है।

​पीके का सीधा सवाल: “अगर वह व्यक्ति गलत था या शराब के धंधे में शामिल था, तो पुलिस ने पहले उस पर कोई केस दर्ज क्यों नहीं किया? उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? अगर कोई रिकॉर्ड नहीं है, तो पुलिस को ऐसा कहने का कोई अधिकार नहीं है।”

​मिलीभगत का आरोप: स्थानीय लोगों के हवाले से पीके ने कहा कि इस पूरे इलाके में जो भी अवैध गतिविधियां चल रही हैं, वे बिना स्थानीय पुलिस की मिलीभगत के मुमकिन ही नहीं हैं। अगर बंटी गलत था, तो भी लापरवाही के आरोप में दोनों थानों के पुलिसकर्मियों को तुरंत सस्पेंड किया जाना चाहिए।

​”सरकार के आपराधिक चरित्र का नतीजा है यह हत्या”

​बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सीधा हमला बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि राज्य में अपराध का ग्राफ इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि सरकार का चरित्र ही आपराधिक हो चुका है।

​उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “जब सरकार का मुखिया ही जाति देखकर, गमछा देखकर और धर्म देखकर गोली मारने जैसे शब्दों का प्रयोग करेगा, तो अपराधियों के हौसले बुलंद होना लाजिमी है। पुलिस की इस गंभीर लापरवाही और हत्या की जिम्मेदारी सरकार को लेनी होगी।”

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