Friday, July 3, 2026
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भ्रष्टाचार पर डॉ. दिलीप जायसवाल का बड़ा प्रहार: बिहार में दो और अंचल अधिकारी नपे

अब तक 62 पर गिर चुकी है गाज

पटना, 3 जुलाई 2026: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार, लापरवाही और पद के दुरुपयोग के खिलाफ चल रहा अभियान और तेज हो गया है। विभागीय समीक्षा के बाद शुक्रवार को राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने दो और अंचल अधिकारियों (CO) के खिलाफ गंभीर कार्रवाई को हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही पिछले महज एक महीने के भीतर कार्रवाई के दायरे में आने वाले दागी अधिकारियों और कर्मचारियों की कुल संख्या बढ़कर 62 हो गई है।

ताजा मामले में सुपौल सदर और फारबिसगंज (अररिया) के अधिकारियों पर शिकंजा कसा गया है। मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने साफ तौर पर कहा कि विभाग में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू है। जनता के कामों में रिश्वतखोरी, लापरवाही या दलाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुपौल CO पर लगे हैं बेहद गंभीर आरोप

​शुक्रवार को हुई कार्रवाई के तहत सुपौल सदर के अंचल अधिकारी (CO) आनन्द कुमार मंडल के खिलाफ विभागीय आरोप पत्र (प्रपत्र ‘क’) गठित कर दिया गया है। जांच में उनके खिलाफ बेहद संगीन मामले सामने आए हैं, जिनमें शामिल हैं:

​परिमार्जन (भूमि रिकॉर्ड सुधार) के बदले जमीन की रजिस्ट्री कराना।

​अवैध दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) और फर्जी परिमार्जन को बढ़ावा देना।

​अपने दफ्तर में निजी दलालों को रखकर काम कराना।

​सरकारी डीजल का इस्तेमाल अपनी निजी गाड़ी में करना।

फारबिसगंज की तत्कालीन CO के खिलाफ भी अनुशंसा

​इसके साथ ही फारबिसगंज (अररिया) की तत्कालीन अंचल अधिकारी सुश्री राखी कुमारी (जो वर्तमान में सहकारिता सेवा संवर्ग में जिला अंकेक्षण पदाधिकारी हैं) पर भी गाज गिरी है। उन पर आरोप है कि उन्होंने फारबिसगंज में तैनाती के दौरान एक बंदोबस्त रद्दीकरण मामले (वाद संख्या 13/2017-18) में जानबूझकर और अनावश्यक देरी की। विभाग ने उनके खिलाफ आरोप पत्र गठित कर उनके मूल सहकारिता विभाग को कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए सिफारिश भेज दी है।

एक महीने में 62 पर एक्शन: टूट रहा है भ्रष्टाचारियों का सिंडिकेट

​राजस्व विभाग में जमीन से जुड़े मामलों में होने वाली धांधली को रोकने के लिए मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल लगातार कड़े फैसले ले रहे हैं। जून के महीने में भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई थी:

19 जून: भ्रष्टाचार, दाखिल-खारिज में हेरफेर और सरकारी जमीन के मामलों में गड़बड़ी को लेकर 10 अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की गई थी।

12 जून: इससे पहले 8 अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मियों के खिलाफ विभागीय गाज गिरी थी।

“आम नागरिकों को पारदर्शी, जवाबदेह और समय पर सेवाएं देना हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी जनता को परेशान करेगा या भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान आगे भी इसी सख्ती से जारी रहेगा।”डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री, बिहार सरकार

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