पटना/सारण: बिहार के विकास और स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर एक बेहद बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। देश के जाने-माने उद्योगपति और अदानी ग्रुप (Adani Group) के चेयरमैन गौतम अदानी रविवार को अचानक सारण जिले के मस्तीचक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बिहार में 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश का रोडमैप साझा किया और साथ ही ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बड़ा एलान भी किया।
इस विशेष दौरे पर गौतम अदानी के साथ उनकी पत्नी और अदानी फाउंडेशन की चेयरपर्सन प्रीति अदानी भी मौजूद रहीं।

मस्तीचक बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा नेत्र चिकित्सा नेटवर्क
गौतम अदानी ने मस्तीचक स्थित ‘अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल’ की नई योजनाओं का भूमि पूजन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने अस्पताल के सेवा भाव की जमकर सराहना की।
अदानी ग्रुप के चेयरमैन ने कहा:
“अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल का काम सामाजिक स्तर पर बेहद प्रभावित करने वाला है। यही वजह है कि अदानी फाउंडेशन ने इस संस्थान के साथ हाथ मिलाया है। हमारा लक्ष्य आने वाले समय में मस्तीचक को दुनिया के सबसे बड़े आई केयर (नेत्र चिकित्सा) नेटवर्क के रूप में विकसित करना है।”

स्वास्थ्य क्रांति का पूरा रोडमैप:
सस्ता और अत्याधुनिक इलाज: ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बेहद किफायती दरों पर वर्ल्ड-क्लास इलाज मिलेगा।
गांव-गांव तक पहुंच: दूर-दराज के इलाकों के लिए मोबाइल मेडिकल वैन चलाई जाएंगी, जो सीधे लोगों के दरवाजे तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाएंगी।
अत्याधुनिक प्रशिक्षण: स्थानीय युवाओं और मेडिकल स्टाफ के लिए हाई-टेक ट्रेनिंग सेंटर की व्यवस्था होगी।
60 हजार करोड़ का निवेश: बिहार में बदलेगी औद्योगिक तस्वीर
स्वास्थ्य के साथ-साथ अदानी ग्रुप बिहार के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने के लिए 60 हजार करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश की तैयारी में है। गौतम अदानी द्वारा बताए गए रोडमैप के अनुसार, इस निवेश से राज्य में बुनियादी ढांचे (Infrastructure), लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा क्षेत्र को नई ताकत मिलेगी। इससे न केवल बिहार का आर्थिक विकास तेज होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर हजारों नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

स्थानीय लोगों में भारी उत्साह
गौतम अदानी के सारण आगमन को लेकर पूरे इलाके में जबरदस्त उत्साह देखा गया। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, बुद्धिजीवी और अस्पताल से जुड़े कार्यकर्ता मौजूद थे। इस निवेश और स्वास्थ्य परियोजना के शुरू होने से अब बिहार के लोगों को आंखों के बड़े और गंभीर इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
