पटना: बिहार में औद्योगिक निवेश और रोजगार के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू हो चुका है। राज्य सरकार के ठोस संकल्पों के कारण बिहार अब तेजी से ‘विकसित और समृद्ध बिहार’ बनने की ओर अग्रसर है। हाल ही में राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, बिहार राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की 67वीं बैठक में कई बड़े औद्योगिक प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई है, जिससे राज्य में भारी निवेश और रोजगार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा।
1. सीमेंट क्षेत्र में भारी निवेश: डालमिया और अंबुजा की एंट्री
बिहार राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) ने अपनी 67वीं बैठक में सूबे के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं:
मुजफ्फरपुर और किशनगंज में देश की जानी-मानी सीमेंट कंपनियों—डालमिया सीमेंट और अंबुजा सीमेंट की बड़ी निर्माण इकाइयों को स्थापित करने की मंजूरी दी गई है।
इसके साथ ही, 16 औद्योगिक परियोजनाओं को स्टेज-1 क्लियरेंस प्रदान किया गया है, जबकि 4 बड़ी परियोजनाओं को वित्तीय मंजूरी भी मिल चुकी है।
इस निवेश का सबसे बड़ा फायदा सीमांचल और उत्तर बिहार के युवाओं को मिलेगा। अब उन्हें रोजगार की तलाश में अपना घर छोड़कर दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा; उद्योग खुद चलकर उनके द्वार तक आ रहे हैं।
2. हाजीपुर में बनेगा देश का तीसरा NIFTEM: फूड प्रोसेसिंग का खुलेगा नया हब
बिहार को देश में ‘फूड प्रोसेसिंग (खाद्य प्रसंस्करण) का राष्ट्रीय केंद्र’ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और बड़ा कदम उठाया गया है:
वैशाली जिले के हाजीपुर में देश के तीसरे राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
यह भव्य और आधुनिक संस्थान पूरे 100 एकड़ की भूमि पर विकसित किया जाएगा।
महत्व: यह संस्थान खाद्य प्रसंस्करण, रिसर्च, तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता (Entrepreneurship) को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। इससे न केवल बिहार के युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा मिलेगी, बल्कि स्थानीय किसानों और नए उद्यमियों के लिए भी प्रगति के असीमित द्वार खुलेंगे।
“बिहार बदल रहा है, क्योंकि हमारा संकल्प अटल है। एनडीए सरकार का विजन बिल्कुल स्पष्ट है—नए अवसर, नई रफ्तार, विकसित बिहार और समृद्ध बिहार।” — सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री, बिहार
इन दोनों बड़े फैसलों से स्पष्ट है कि बिहार अब सिर्फ एक उपभोक्ता राज्य नहीं, बल्कि एक मैन्युफैक्चरिंग और एजुकेशनल हब के रूप में देश के मानचित्र पर मजबूती से उभर रहा है।
