एक समय था जब बिहार के किसी भी छोर से प्रवेश करने वाली ट्रेन की समय सारणी स्थानीय यात्रियों के समय सारणी से तय होता था। हर किलोमीटर दो किलोमीटर पर यात्रियों द्वारा मनमाने जगहों पर ट्रेन रुकवाना आम बात था।
लेकिन अब स्थिति विपरीत हो गई है। अब रेलवे प्रशासन का बिहार वासियों के ट्रेनों को मनमाने ढंग से परिचालन शुरू है। और केंद्रीय रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव देशभर में ट्रेनों के समय से परिचालन की कितनी भी दावेदारी करे। बिहार में शायद ही भारतीय रेल का कोई ट्रेन का समय से परिचालन हो रहा हैं।
भीषण गर्मी और खासकर दोपहर में ट्रेनों का लेट होने से यात्रियों को कितनी दिक्कतो का सामना करना पड़ता हैं यह कोई भी अनुभव कर सकता है। और सबसे भयावह स्थिति पूर्व मध्य रेलवे का मंडल रेल कार्यालय का दानापुर रेलवे स्टेशन का है।
पिछले अनेक दिनों से दानापुर रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली सभी प्रमुख ट्रेन पंडित दिनदयाल उपाध्याय जंक्शन से तो समय से खुलती है। लेकिन दानापुर रेलवे स्टेशन तक पहुंचते पहुंचते 3-4 घंटे लेट होना आम है। अनेक ट्रेन तो 8-12 घंटे लेट से गुजर रही है।
रेलवे प्रशासन का आम यात्रियों से मजाक कहा जाए या ठगी। यात्रियों को समय से और आराम से यानी आरक्षित सीट पर बिठा कर यात्रा करवाने के अमृत भारत ट्रेन का संचालन किया गया है।
22362 ट्रेन नई दिल्ली से चलकर राजेंद्रनगर टर्मिनल तक जाती है। यह ट्रेन राजेंद्रनगर से शाम 07.50 से चलकर दूसरे दिन दोपहर 01.10 को नई दिल्ली पहुंचने का समय है। इसके एवज में रेलवे प्रशासन इस ट्रेन के यात्रियों से साधारण टिकट से 20 से 25 प्रतिशत अधिक किराया वसूल करता हैं।
लेकिन ये ट्रेन दिल्ली लगभग रोज 2 से 3 घंटे देरी से पहुंचती है। इसी तरह शाम 07.10 को नई दिल्ली से चलकर राजेंद्रनगर दिन में 11.45 को पहुंचने का समय है लेकिन इस ट्रेन के राजेंद्रनगर टर्मिनस पहुंचते पहुंचते शाम 3-4 बज ही जाता है।
अनेक यात्रियों के अनुसार ट्रेन पंडित दिनदयाल उपाध्याय जंक्शन से समय से या अनेक बार समय के पहले पहुंच कर खुल जाती है लेकिन दानापुर रेलवे स्टेशन आते आते लगभग सभी ट्रेन 2-3 घंटे लेट हो जाती हैं।
यात्रियों के अनुसार अभी तापमान का प्रकोप चरम पर है। ऐसे में ट्रेनों को अकारण कही भी रोके रखना, देर से परिचालन, यात्रियों की भारी भीड़, से यात्रियों को बेहद नरकीय स्थिति में यात्रा करनी पड़ रही है।
