Thursday, April 23, 2026
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आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का दिल्ली में हुंकार: जंतर-मंतर पर उमड़ा बिहार की सेविकाओं और सहायिकाओं का सैलाब

नई दिल्ली | 23 अप्रैल 2026

​देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर आज ‘मजदूर एकता जिंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा। बिहार राज्य आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन के तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तरीय धरना आंदोलन में बिहार के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं ने हिस्सा लिया। यह प्रदर्शन अपनी चिर-प्रतीक्षित मांगों को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से किया गया।

प्रमुख नेतृत्व और भागीदारी

​इस विशाल धरने का नेतृत्व यूनियन की अध्यक्षा ऊषा साहनी और महासचिव कुमार विन्देश्वर सिंह ने किया। आंदोलन में बिहार के सुदूर ग्रामीण इलाकों से आई कार्यकर्ताओं का जोश देखते ही बन रहा था। प्रदर्शनकारियों ने साफ तौर पर कहा कि वे अब अपने अधिकारों के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

आंदोलन की मुख्य मांगें

​यूनियन ने केंद्र सरकार के समक्ष 9 सूत्रीय मांग पत्र रखा, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

​स्थायीकरण और वेतन: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की सेवा को अविलंब नियमित (Regularise) किया जाए और गुजरात हाई कोर्ट के आदेशानुसार न्यूनतम वेतन सुनिश्चित किया जाए।

​पेंशन और ग्रेच्युटी: सेवानिवृत्त कार्यकर्ताओं को 10,000 रुपये मासिक पेंशन दी जाए और सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ग्रेच्युटी का लाभ प्रदान किया जाए।

​सेवानिवृत्ति और पदोन्नति: पूरे भारत में सेवानिवृत्ति की आयु सीमा बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए और सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति के लिए आयु सीमा में छूट दी जाए।

​तकनीकी और नीतिगत विरोध: FRS (फेशियल रिकग्निशन सिस्टम) के जरिए लाभार्थियों को निशाना बनाना बंद हो और चार नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) को वापस लिया जाए।

​उत्पीड़न पर रोक: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ हो रहे मानसिक और प्रशासनिक उत्पीड़न पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।

​नेताओं का संबोधन

​यूनियन की अध्यक्षा ऊषा साहनी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “हम केवल अपना हक मांग रहे हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर सरकार की हर योजना को सफल बनाती हैं, लेकिन जब उनके अधिकारों की बात आती है, तो उन्हें नजरअंदाज किया जाता है।”

​वहीं, महासचिव कुमार विन्देश्वर सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इन जायज मांगों पर जल्द ही सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो यह आंदोलन भविष्य में और भी उग्र रूप धारण करेगा।

अखिल भारतीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संघ (एआईटीयूसी) के तरफ से 21, 22, और 23 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के जंतर मंतर पर राष्ट्रीय स्तर का धरना (धरना-प्रदर्शन) आयोजित किया गया था। जिसमें देश भर की आंगनवाड़ी सेविका और सहायिकाये बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज की।

संघ ने महिला एवं बाल विकास मंत्री को संबोधित एक कड़ा ज्ञापन जारी किया है, जिसमें सरकार के गरीब-विरोधी, महिला-विरोधी और मजदूर-विरोधी रिकॉर्ड का खुलासा किया गया है।

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