Friday, April 3, 2026
HomeTop Storiesमानदेय वृद्धि और सरकारी दर्जे की मांग को लेकर खगड़िया आंगनबाड़ी कर्मियों...

मानदेय वृद्धि और सरकारी दर्जे की मांग को लेकर खगड़िया आंगनबाड़ी कर्मियों ने मनाया ‘काला दिवस’

मानदेय वृद्धि और सरकारी दर्जे की मांग को लेकर खगड़िया आंगनबाड़ी कर्मियों ने मनाया ‘काला दिवस’

खगड़िया। बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन (राज्य कमिटी) के आह्वान पर बुधवार को खगड़िया जिले के सभी प्रखंडों में आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। राज्य महासचिव कुमार विन्देश्वर के निर्देशानुसार, खगड़िया सदर और गोगरी समेत जिले के तमाम प्रखंडों में कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर कार्य किया और दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक ‘काला दिवस’ मार्च निकालकर अपना आक्रोश दर्ज किया।

केंद्र सरकार पर सौतेले व्यवहार का आरोप

​प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही जिला महासचिव कुमारी निर्मला ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार महिला सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर आंगनबाड़ी कर्मियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।

​निर्मला कुमारी ने मुख्य बिंदु उठाते हुए कहा:

मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं: साल 2015 से अब तक केंद्र सरकार ने सेविका-सहायिकाओं के मानदेय में एक रुपये की भी वृद्धि नहीं की है, जबकि अन्य विभागों में वेतन बढ़ाए गए हैं।

अल्प मानदेय से सम्मान को ठेस: इतने कम मानदेय पर काम कराना महिलाओं के मान-सम्मान पर आघात है। सरकार जल्द मानदेय बढ़ाए और कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दे।

प्रमुख मांगें और लंबित सुविधाएं

​खगड़िया सदर परियोजना की प्रखंड महासचिव मीनाक्षी कुमारी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी और अन्य राज्यों की तर्ज पर सुविधाएं नहीं मिलीं, तो आंदोलन और उग्र होगा। प्रदर्शन के दौरान निम्नलिखित मांगों पर आवाज बुलंद की गई:

चार श्रम कोड (Labor Codes): मजदूर विरोधी बताए जा रहे चारों लेबर कोड को तुरंत वापस लिया जाए।

पेंडिंग राशि का भुगतान: बच्चों के ड्रेस की राशि, कंटीजेंसी फंड और मोबाइल के लिए आवंटित राशि का अविलंब भुगतान हो।

अनुग्रह अनुदान: मृत सेविकाओं के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि जल्द प्रदान की जाए।

​इन नेताओं ने भरी हुंकार

​इस आंदोलन में मजदूर और किसान संगठनों का भी भरपूर समर्थन मिला। मार्च के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन में मुख्य रूप से पुनीत मुखिया, रमेश चंद्र चौधरी, मूरो दा, मनोज कुमार यादव, कुमारी वीणा यादव, रीता कुमारी, वीणा कुमारी, धर्मशाला कुमारी, विभा कुमारी, अनिता कुमारी और चंद्रजीत कुमार सहित कई नेता और सैकड़ों सेविका-सहायिकाएं शामिल हुईं।

यह भी पढ़े

अन्य खबरे