पटना, 23 मार्च 2026
लोक आस्था के महापर्व चैती छठ के लिए राजधानी पटना पूरी तरह से भक्तिमय और तैयार है। पटना नगर निगम ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी 49 चिन्हित गंगा घाटों और तालाबों पर तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। इस वर्ष नगर निगम ने आधुनिक तकनीक और कड़े प्रबंधन के जरिए छठ व्रतियों के लिए ‘विश्वस्तरीय’ व्यवस्था का दावा किया है।
49 घाटों पर चाक-चौबंद व्यवस्था
नगर निगम द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सभी चिन्हित घाटों पर सफाई, सौंदर्यीकरण, बैरिकेडिंग और लाइटिंग का काम समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया गया है। घाटों के समतलीकरण के साथ-साथ रंग-रोगन का कार्य भी संपन्न हो चुका है। अर्घ्य के समय पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करने के लिए सभी हाई-मास्ट लाइटों को दुरुस्त किया गया है और सुरक्षा के लिहाज से ‘ओपन वायर’ (खुले तारों) की बारीकी से जांच कर उन्हें सुरक्षित किया गया है।
सुरक्षा के लिए ‘थ्री-लेयर’ बैरिकेडिंग
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घाटों पर तीन-स्तरीय बैरिकेडिंग और मजबूत रेलिंग लगाई गई है। प्रशासन ने खतरनाक घोषित किए गए घाटों को लाल कपड़े से पूरी तरह सील कर दिया है, ताकि कोई भी अनजाने में वहां न जा सके। स्पष्ट दिशा-निर्देशों के लिए जगह-जगह साइनबोर्ड और बैनर लगाए गए हैं।
‘नो टॉलरेंस एरिया’ और स्वच्छता
स्वच्छता को लेकर इस बार कड़ा रुख अपनाया गया है।
- एक किलोमीटर का दायरा: सभी घाटों के आसपास के एक किलोमीटर क्षेत्र को ‘नो टॉलरेंस एरिया’ घोषित किया गया है।
- सड़कों की धुलाई: प्रमुख सड़कों और ओवरब्रिज की नियमित धुलाई और जल छिड़काव किया जा रहा है।
- पेयजल की सुविधा: व्रतियों और श्रद्धालुओं के लिए हर घाट पर शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है।
ICCC से 24×7 डिजिटल निगरानी
इस बार छठ महापर्व की सुरक्षा और प्रबंधन में तकनीक का बड़ा हाथ होगा। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के माध्यम से सभी घाटों की डिजिटल निगरानी की जाएगी। सफाई से लेकर भीड़ प्रबंधन तक, हर गतिविधि पर कंट्रोल रूम से पैनी नजर रखी जाएगी। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए सभी अधिकारी और कर्मी 24×7 अलर्ट मोड पर रहेंगे।
नगर निगम के इस मुस्तैद प्रबंधन का उद्देश्य चैती छठ के दौरान श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम वातावरण प्रदान करना है।
