पटना | २० मार्च, २०२६
बिहार की गौरवशाली सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को विभिन्न धार्मिक आयोजनों और मेलों के सुचारू संचालन के लिए 1 करोड़ 63 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य सरकार आस्था और परंपरा से जुड़े आयोजनों को सुरक्षित, व्यवस्थित और जनहितकारी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “धार्मिक-सामाजिक आयोजनों में बेहतर व्यवस्था और पारदर्शिता सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। इन आयोजनों में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिससे आयोजन में निखार आता है।”
सरकार द्वारा जारी बजट में पटना की रामनवमी शोभायात्रा और औरंगाबाद के चैती छठ मेले को विशेष प्राथमिकता दी गई है:
- रामनवमी शोभायात्रा (पटना): ₹50 लाख
- चैती छठ मेला (देव, औरंगाबाद): ₹30 लाख
- सीताकुंड मेला (मुंगेर): ₹21 लाख
- महाशिवरात्रि मेला (सुंदरीमठ, अररिया): ₹15 लाख (बकाया भुगतान)
- चैती छठ मेला (उलार धाम, पटना): ₹06 लाख
- रामनवमी मेला (दरभंगा): ₹05 लाख
- श्रावणी मेला (मुजफ्फरपुर व बांका): क्रमशः ₹05 लाख और ₹31 लाख
- डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और यातायात प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि स्वीकृत राशि का उपयोग केवल निर्धारित मदों में ही होना चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही या विचलन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
श्री विजय सिन्हा ने जिलाधिकारियों (समाहर्ता) और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राशि का व्यय पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए और समय पर उपयोगिता प्रमाण-पत्र (Utilization Certificate) विभाग को उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर की गई ढिलाई को गंभीरता से लिया जाएगा ताकि हर आयोजन श्रद्धालुओं के लिए यादगार और सुरक्षित बने।
