पटना | 14 मार्च, 2026
पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम के निर्देशन में जिला प्रशासन घरेलू एलपीजी गैस की सुचारू आपूर्ति और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सक्रिय हो गया है। गैस की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध कार्यों में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए प्रशासन ने छापेमारी और निरीक्षण तेज कर दिए हैं।
लापरवाही पर ‘एस्मा’ (ESMA) के तहत कठोर कार्रवाई
जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि एलपीजी की कालाबाजारी, होर्डिंग या निर्धारित मूल्य से अधिक पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। किसी भी स्तर पर शिथिलता बरतने वाले दोषियों के विरुद्ध ‘आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम’ (ESMA) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पर्याप्त स्टॉक: पैनिक बुकिंग न करें उपभोक्ता
डीएम ने आम जनता को आश्वस्त किया है कि जिले में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है। सभी गैस कंपनियों और डिस्ट्रिब्यूटर्स के पास पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घबराकर ‘पैनिक बुकिंग’ न करें। आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अधिकारी लगातार गोदामों का निरीक्षण कर रहे हैं और आम जनता से सीधा फीडबैक भी लिया जा रहा है।
28 धावा दल और जोनल निगरानी प्रणाली
प्रखंड स्तर पर शिकायतों के निवारण और जमाखोरी रोकने के लिए 28 धावा दलों को सतत रूप से सक्रिय किया गया है:
- नोडल पदाधिकारी: प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, निरीक्षक और सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
- सेक्टर व्यवस्था: गैस एजेंसी क्षेत्रों को विभिन्न सेक्टर, जोनल और सुपर जोनल में विभाजित कर दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।
- पर्यवेक्षण: सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) को अपने-अपने क्षेत्रों में इन व्यवस्थाओं का वरीय प्रभारी नामित किया गया है।
शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
उपभोक्ताओं की सुविधा और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष (Control Room) स्थापित किया गया है। उपभोक्ता किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना निम्नलिखित नंबर पर दे सकते हैं:
