पटना: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और अफवाहों के कारण गैस एजेंसियों के बाहर लग रही लंबी कतारों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। केंद्र से लेकर जिला स्तर तक सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में रसोई गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति बाधित होने की कोई संभावना नहीं है।
पटना जिलाधिकारी की मुस्तैदी: अफवाहों पर एक्शन का प्रहार
पटना के जिलाधिकारी त्यागराजन एसएम ने स्थिति को संभालने के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था की है। जिले में किसी भी तरह की कालाबाजारी या अनियमितता को रोकने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
त्वरित कार्रवाई: गैस वितरण में अनियमितता पाए जाने पर तुरंत एक्शन का निर्देश।
कंट्रोल रूम: नागरिकों की शिकायतों के लिए विशेष कॉल सेंटर की स्थापना।

औचक निरीक्षण: एजेंसियों और गोदामों का खुद जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम द्वारा निरंतर औचक निरीक्षण किया जा रहा है।
भरोसा: जिलाधिकारी के इन प्रयासों से आम नागरिकों के बीच विश्वास बढ़ा है।
वही सोशल मीडिया पर और देश भर के विरोधी दल के नेताओं द्वारा किए जा रहे कुप्रचार जिला प्रशासन के हर तरह के आश्वासनों पर भारी पड़ रहा है और जिला प्रशासन को लोगों को पैनिक होने से रोकने में भारी मशक्कत करने की पड़ रही है।
वैश्विक तनाव और भारत की ‘प्लान-बी’ तैयारी
हालाँकि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे वैश्विक तनाव ने चिंताएँ बढ़ाई हैं, लेकिन भारत सरकार ने इसके लिए पहले ही ‘सुरक्षा घेरा’ तैयार कर लिया है:
उत्पादन में वृद्धि: केंद्र सरकार ने मुंबई हाई में रसोई गैस उत्पादन क्षमता को 25% तक बढ़ाने का आदेश दे दिया है।
जिनमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL): इसका ब्रांड ‘Indane’ (इण्डेन) दुनिया के सबसे बड़े LPG ब्रांड्स में से एक है।
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL): यह ‘Bharat Gas’ (भारत गैस) के नाम से सेवाएँ प्रदान करती है।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL): इसका ब्रांड ‘HP Gas’ (एचपी गैस) के नाम से प्रसिद्ध है।
ONGC (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन): यह मुख्य रूप से कच्चे तेल और गैस के उत्पादन के दौरान LPG का निष्कर्षण करती है और इसे वितरण कंपनियों को देती है।
GAIL (इंडिया) लिमिटेड: यह भी प्राकृतिक गैस प्रसंस्करण के माध्यम से LPG उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
2. निजी क्षेत्र की कंपनियां (Private Sector)
निजी कंपनियां मुख्य रूप से औद्योगिक, व्यावसायिक और कुछ चुनिंदा शहरी घरेलू क्षेत्रों में आपूर्ति करती हैं:
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL): इसका ब्रांड ‘Reliance Gas’ है। जामनगर स्थित इनकी रिफाइनरी भारत में LPG उत्पादन का एक बड़ा स्रोत है।
TotalEnergies (टोटल एनर्जीज़): यह ‘Total Gaz’ ब्रांड के तहत काम करती है।
SHV Energy (एसएचवी एनर्जी): यह भारत में ‘SUPERGAS’ ब्रांड के नाम से प्रसिद्ध है।
Nayara Energy (नायरा एनर्जी): पूर्व में एस्सार ऑयल (Essar Oil) के नाम से जानी जाने वाली यह कंपनी भी ईंधन और गैस क्षेत्र में बड़ी खिलाड़ी है।
Confidence Petroleum India Ltd: इनका ब्रांड ‘GoGas’ के नाम से जाना जाता है।
Shivgas: निजी क्षेत्र की एक और प्रमुख वितरक कंपनी।
3. वर्तमान स्थिति (मार्च 2026)
वर्तमान में आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय स्थितियों को देखते हुए, भारत सरकार ने LPG Control Order के तहत सभी रिफाइनरियों (सरकारी और निजी जैसे रिलायंस) को निर्देश दिया है कि वे अपने LPG उत्पादन को अधिकतम करें और इसे प्राथमिकता के आधार पर घरेलू उपयोग के लिए तीनों सरकारी तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) को उपलब्ध कराएं।
ऐसे में आम नागरिकों द्वारा अकारण रसोई गैस के बारे में सरकार पर अविश्वास दिखाना खुद अपनी परेशानी बढ़ाने जैसा है।
