Tuesday, March 10, 2026
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खुसरूपुर के अलावलपुर में हिंदू सम्मेलन का आयोजन: ‘हिंदू जागेगा, तो विश्व जागेगा’ का उद्घोष

खुसरूपुर (पटना): खंड के अलावलपुर मंडल में आयोजित भव्य ‘हिंदू सम्मेलन’ में समाज को एकजुट करने और सांस्कृतिक चेतना जगाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पटना विभाग के सेवा प्रमुख राम चंद्र जी ने हिंदुत्व की महत्ता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला।

संघ के 100 वर्ष: सिद्धांतों पर अडिग समर्पण

​सम्मेलन को संबोधित करते हुए राम चंद्र जी ने कहा कि RSS के 100 वर्ष पूरे होने के बावजूद संघ कभी विभाजित नहीं हुआ और आज भी अपने मूल सिद्धांतों पर अडिग है। उन्होंने जोर देकर कहा, “संघ हमेशा हिंदुओं को एकजुट कर भारत माता को पुनः ‘विश्व गुरु’ के पद पर आसीन करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

तुष्टिकरण और आत्म-बोध पर प्रहार

​सेवा प्रमुख ने समाज के प्रबुद्ध वर्ग से आगे आने की अपील करते हुए कहा कि आजादी के बाद भी देश पूरी तरह तुष्टिकरण की राजनीति से मुक्त नहीं हो पाया है। उन्होंने इतिहास का स्मरण कराते हुए कहा:

​”हमने 1000 वर्षों की गुलामी झेली, जिसके कारण हम अपने समाज और धर्म को भूल गए। अब समय आ गया है कि हम स्वयं जागें और दूसरों को भी जगाएं।”

​उन्होंने एक प्रेरक आह्वान के साथ अपनी बात रखी:

हिंदू भाव को जब-जब भूले, आई विपद महान।

धरती छूटी, भाई छूटे और मिटे धर्म संस्थान।”

जाति से ऊपर हिंदुत्व का भाव

​सम्मेलन में इस बात पर बल दिया गया कि हमारी प्राथमिक पहचान ‘हिंदू’ है, जाति उसके बाद आती है। “हिंदू जागेगा, तो विश्व जागेगा” के नारे के साथ उन्होंने हिंदुत्व को जीवंत रखने की आवश्यकता बताई।

पंच परिवर्तन अभियान की चर्चा

​इस अवसर पर प्रोफेसर उमेश यादव ने संघ के ‘पंच परिवर्तन’ अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने जीवन में निम्नलिखित पांच स्तंभों के महत्व को समझाया:

  1. सामाजिक समरसता (भेदभाव मुक्त समाज)
  2. स्वदेशी (आत्मनिर्भरता)
  3. कुटुंब प्रबोधन (पारिवारिक संस्कार)
  4. पर्यावरण संरक्षण
  5. नागरिक कर्तव्य

प्रमुख उपस्थिति

​इस कार्यक्रम में ग्राहक पंचायत के प्रोफेसर उमेश यादव, मनोज जी, खुसरूपुर खंड कार्यवाह संतोष जी, उदय जी और अलावलपुर पंचायत के मुखिया सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन ‘संगठित हिंदू, समर्थ भारत’ के संकल्प के साथ हुआ।

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