पटना, 08 मार्च 2026: बिहार की कानून व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से लैस करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि बिहार पुलिस की निगरानी क्षमता को बढ़ाने के लिए 50 आधुनिक ड्रोन खरीदे जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए सरकार ने 24.50 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है।
पुलिस आधुनिकीकरण पर जोर
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत इन ड्रोनों की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य पुलिस बल को ऐसे संसाधनों से सुसज्जित करना है जिससे कठिन परिस्थितियों में भी त्वरित और सटीक कार्रवाई संभव हो सके। श्री चौधरी ने कहा कि आधुनिक युग में अपराध नियंत्रण के लिए तकनीक का सहारा लेना अनिवार्य हो गया है।
इन क्षेत्रों में होगा ड्रोनों का विशेष उपयोग
ड्रोन तकनीक के आने से बिहार पुलिस को निम्नलिखित मोर्चों पर बड़ी बढ़त मिलेगी:
भीड़ नियंत्रण: बड़े मेलों, रैलियों और जुलूसों के दौरान भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा।
दुर्गम क्षेत्रों की निगरानी: दियारा इलाकों, नदी क्षेत्रों और घने जंगलों, जहाँ पुलिस का पहुँचना कठिन होता है, वहाँ हवाई निगरानी के जरिए अपराधियों के ठिकानों का पता लगाया जा सकेगा।
आपदा प्रबंधन: बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत और बचाव कार्यों के लिए ड्रोन ‘रियल टाइम’ जानकारी प्रदान करेंगे।
सीमा सुरक्षा और संवेदनशील इलाके: सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों और सीमाओं पर ड्रोन के जरिए चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जा सकेगी।
केंद्रीय बलों का लिया जाएगा तकनीकी सहयोग
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि तकनीक के चयन और संचालन के मानकों के लिए आवश्यकता पड़ने पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) जैसे अनुभवी केंद्रीय सशस्त्र बलों से मार्गदर्शन लिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि बिहार पुलिस को दुनिया की सर्वोत्तम और सबसे प्रभावी तकनीक उपलब्ध हो।
कानून व्यवस्था में आएगा क्रांतिकारी बदलाव
सम्राट चौधरी ने विश्वास जताया कि इस पहल से न केवल अपराधियों में भय पैदा होगा, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में पुलिस की प्रतिक्रिया का समय (Response Time) भी काफी कम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार पुलिस को देश के सबसे आधुनिक पुलिस बलों की श्रेणी में खड़ा करना है।
