मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) | 3 मार्च, 2026
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है, जहाँ चंद्रग्रहण के बाद पवित्र स्नान करने गए 6 मासूम बच्चों की नदी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदयविदारक घटना केसरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लोहरगांवा गांव की है। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कैसे हुआ हादसा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण खत्म होने के बाद शुद्धिकरण के लिए स्नान करने की परंपरा है। इसी परंपरा का पालन करने के लिए मंगलवार शाम को गांव के कई बच्चे पास ही बहने वाली सुमौति नदी के किनारे पहुंचे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार:
ग्रहण समाप्त होने के बाद सभी बच्चे उत्साह के साथ नदी में उतरे थे।
पानी की गहराई का सही अंदाजा न होने के कारण, डुबकी लगाते ही सभी बच्चे एक-एक कर गहरे पानी में समाने लगे।
किनारे पर मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते या बचाव के लिए आगे बढ़ते, तब तक सभी 6 बच्चों की पानी में दम घुटने से मौत हो चुकी थी।
स्थानीय लोगों में शोक
घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे जमा हो गए। स्थानीय गोताखोरों की मदद से बच्चों के शवों को पानी से बाहर निकाला गया। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा दुख है कि एक धार्मिक अनुष्ठान पल भर में मातम में बदल गया।
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जिला प्रशासन ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। आपदा प्रबंधन विभाग के नियमों के तहत पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजे की प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना है।
