पटना, 26 फरवरी 2026 (न्यूजलहर पटना): स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 में पटना को टॉप रैंक दिलाने की होड़ तेज हो गई है। पटना नगर निगम ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) और प्रयुक्त जल प्रबंधन (UWM) को मजबूत बनाने के लिए व्यापक प्रशिक्षण अभियान चला रहा है।
निगम अधिकारियों, सफाईकर्मियों, प्राइवेट एजेंसियों और NGO को चरणबद्ध तरीके से ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था राष्ट्रीय स्तर पर खरी उतरे।
नगर आयुक्त के निर्देश पर शुरू यह कैंपेन क्षमता संवर्धन पर जोर दे रहा है। गौरतलब है कि सर्वेक्षण में अच्छा स्कोर पाने के लिए न सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर, बल्कि ट्रेंड स्टाफ और सिस्टमैटिक वर्क भी जरूरी है।प्रशिक्षण के प्रमुख चरण:
20 फरवरी: तकनीकी और प्रशासनिक अफसरों के लिए सेशन – SWM रणनीतियां और सर्वेक्षण मानक पर चर्चा।
24 फरवरी: NGO और सिविल सोसाइटी के लिए वर्कशॉप – कम्युनिटी पार्टिसिपेशन, जागरूकता कैंपेन और जन सहयोग पर फोकस।
25-26 फरवरी: ‘नमस्ते’ प्रोग्राम के तहत सफाईकर्मियों को सेफ्टी, हेल्थ स्टैंडर्ड्स और डिग्निटी पर ट्रेनिंग।
27 फरवरी: प्राइवेट सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए स्पेशल सेशन – SOP, रिपोर्टिंग, सिक्योरिटी प्रोटोकॉल और सर्विस क्वालिटी पर गाइडेंस।
इन ट्रेनिंग से पारदर्शिता, एफिशिएंसी और कोऑर्डिनेशन बढ़ेगा, जो स्वच्छ सर्वेक्षण में पटना को मजबूत बनाएगा। निगम ने सभी को अनिवार्य भागीदारी का आदेश दिया है।
बिहार की राजधानी पटना अब स्वच्छ भारत मिशन में नया रिकॉर्ड बनाने को तैयार है। क्या यह अभियान पटना को नंबर-1 बनाएगा?
