Tuesday, February 24, 2026
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मोतिहारी: पत्नी प्रेमिका संग फरार, हत्या के आरोप में पति जेल में! ये कानून राज है??

“दहेज हत्या” का दावा झूठा निकला; जेल में बंद पति बेकसूर, पत्नी आशिक संग नोएडा से गिरफ्तार

सुजाता सिंह

मोतिहारी/पटना: बिहार की आपराधिक कहानियों में एक ऐसा नाटकीय मोड़ आया है, जिसने पुलिस जांच की प्रक्रिया और ‘दहेज हत्या’ जैसे संवेदनशील मामलों की गंभीरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में जिस पत्नी की हत्या के झूठे आरोप में पति को जेल भेज दिया गया था, वह अपने प्रेमी के साथ उत्तर प्रदेश के नोएडा से जिंदा और सुरक्षित पकड़ ली गई है।

​📅 घटनाक्रम: विदाई के अगले ही दिन फरार

​मामला मोतिहारी जिले के अरेराज थाना क्षेत्र का है।

  • 2 मार्च 2025: हरसिद्धि थाना क्षेत्र की निवासी गुंजा देवी का विवाह अरेराज निवासी रंजीत कुमार के साथ हुआ था।
  • 1 जुलाई 2025: रंजीत कुमार ‘दौंगा’ (दूसरी बार) विदाई कराकर गुंजा को अपने घर लाया।
  • 2 जुलाई की रात: गुंजा देवी चुपके से घर से फरार हो गई। भागने से पहले उसने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया था।
  • 3 जुलाई: पति रंजीत कुमार ने गुंजा की गुमशुदगी की शिकायत अरेराज थाना में दर्ज कराई और CCTV फुटेज भी उपलब्ध कराया।
  • 7 जुलाई: घटना में नाटकीय मोड़ आया, जब गुंजा देवी के पिता ने अरेराज थाना में आवेदन देकर दावा किया कि रंजीत कुमार और उसके परिवार ने दहेज के लिए उनकी बेटी की हत्या कर शव को छिपा दिया या जला दिया है।

​🚨 ससुर के दावे पर पुलिस ने की गिरफ्तारी

​ससुर के इस गंभीर आरोप को ‘सत्य’ मानकर, अरेराज पुलिस ने बिना किसी ठोस साक्ष्य या शव बरामदगी के कार्रवाई की।

  • 9 जुलाई: अरेराज पुलिस ने पति रंजीत कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

​रंजीत का परिवार लगातार दावा करता रहा कि वह निर्दोष है और गुंजा कहीं भाग गई है। परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

रंजीत के पिता ने बताया, “हम चिल्लाते रहे कि गुंजा भाग गई है और हमारा बेटा निर्दोष है। पुलिस ने जल्दबाजी में दहेज हत्या का केस बनाया और हमारे बेटे को जेल भेज दिया। यह न्याय का मज़ाक था।”

​🔍 कोर्ट के दबाव के बाद तेज हुई तलाश

​कोर्ट में जब पुलिस से चार्जशीट दाखिल करने और हत्या का सबूत मांगा गया, तब पुलिस के पास कोई जवाब नहीं था। कोर्ट के दबाव के बाद पुलिस ने गुंजा की तलाश तेज की।

​पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि गुंजा देवी अपने गांव के ही एक प्रेमी के साथ नोएडा में रह रही है। रंजीत कुमार के परिजनों के सहयोग से, बिहार पुलिस की टीम नोएडा पहुँची और वहाँ से गुंजा देवी को उसके प्रेमी के साथ गिरफ्तार कर लिया।

​⚖️ न्याय के लिए संघर्ष: कौन होगा जिम्मेदार?

​गुंजा देवी की गिरफ्तारी के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पति रंजीत कुमार निर्दोष है और ‘दहेज हत्या’ का पूरा मामला झूठा था। अब सवाल यह उठता है:

  1. पति का छूटना: जेल में बंद निर्दोष पति रंजीत कुमार को तुरंत रिहा करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
  2. दोषी कौन: झूठे आरोप लगाने वाले ससुर और पर्याप्त सबूत के बिना जल्दबाजी में गिरफ्तारी करने वाले पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई होगी?
  3. न्याय पर सवाल: यह घटना ‘दहेज हत्या’ जैसे गंभीर मामलों में पुलिस जांच की गुणवत्ता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है, जिसका परिणाम एक निर्दोष व्यक्ति के महीनों तक जेल में रहने के रूप में सामने आया।

​फिलहाल पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। गुंजा देवी और उसके प्रेमी से यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि झूठा आरोप क्यों लगाया गया, और क्या इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था।

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