पटना के गांधी मैदान और श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में रामलीला और दशहरा महोत्सव को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने खुद मैदान का निरीक्षण कर अधिकारियों को त्रुटिरहित भीड़ प्रबंधन, सुचारू यातायात और सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
गांधी मैदान में रावण-वध को लेकर कड़ी निगरानी
गांधी मैदान में इस बार रावण-वध कार्यक्रम और रामलीला महोत्सव के दौरान हजारों की भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की है।
मैदान और आसपास कुल 128 सीसीटीवी कैमरे, 13 वॉच टावर, 1 अस्थायी कंट्रोल रूम, 1 अस्थायी थाना और 24×7 जिला नियंत्रण कक्ष (0612-2219810/2219234) सक्रिय रहेंगे।
सभी गतिविधियों की निगरानी इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से की जाएगी।
वॉच टावरों पर पुलिस और सिविल डिफेंस कर्मी प्रतिनियुक्त किए जाएंगे, जबकि मुख्य द्वारों पर एसडीआरएफ टीम तैनात रहेगी।
भीड़ और यातायात प्रबंधन
जिलाधिकारी ने कहा कि भीड़ प्रबंधन को लेकर गांधी मैदान को चार सेक्टर और आवश्यकतानुसार सब-सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर में दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारी तैनात रहेंगे।
जेपी गंगा पथ, अशोक राजपथ, एक्जीबिशन रोड सहित प्रमुख मार्गों पर विशेष यातायात योजना लागू होगी।
यातायात पुलिस और जिला परिवहन विभाग द्वारा पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
ट्रैफिक प्लान की जानकारी आम लोगों को अखबारों के माध्यम से दी जाएगी ताकि लोग वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर सकें।
बुनियादी सुविधाओं और रोशनी पर विशेष ध्यान
रामलीला और रावण-वध कार्यक्रम के दौरान मैदान और आसपास की रोशनी व्यवस्था दुरुस्त रखते हुए:
34 प्रकाश मीनारों से 136 एलईडी मेटल लाइट, 229 पोल लाइट और 15 हाईमास्ट लाइट क्रियाशील रहेंगे।
नगर निगम ने मैदान के आसपास 131 पोल लाइटें भी क्रियाशील की हैं।
पेयजल, शौचालय, चिकित्सा व्यवस्था, अग्निशमन दस्ता और बैरिकेडिंग की विशेष व्यवस्था की गई है।
दशहरा और रामलीला महोत्सव
गांधी मैदान में 12 दिवसीय रामलीला महोत्सव (22 सितम्बर-3 अक्टूबर) और
श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में 4 दिवसीय दशहरा महोत्सव (25-28 सितम्बर) का आयोजन हो रहा है।
इन आयोजनों में देश-विदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। SPIC MACAY के कलाकार शास्त्रीय संगीत, नृत्य और वाद्ययंत्र प्रस्तुत करेंगे।
मॉक ड्रिल और आपातकालीन व्यवस्था
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यक्रम से पूर्व मॉकड्रिल कराया जाए।
सिविल सर्जन आकस्मिक मेडिकल प्लान बनाएंगे और अस्पतालों को अलर्ट रखा जाएगा।
किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन बल, महिला बल और लाठी बल तैनात रहेंगे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि “रावण-वध कार्यक्रम के दिन सभी द्वार खुले रहेंगे और मैदान पूरी तरह खाली होने तक अधिकारी अपनी ड्यूटी पर बने रहेंगे।”
जिला प्रशासन ने अपील की है कि दर्शक कार्यक्रम के दौरान अनुशासन बनाए रखें और किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना तुरंत नियंत्रण कक्ष (0612-2219810/2219234) पर दें।
