मीणा सख्त: नाला उड़ाही में लापरवाही पर 6 अफसरों का वेतन रोका, शनिवार को होगा पंपों का महा-ट्रायल
पटना। मानसून के दौरान पटना को जलजमाव से बचाने की तैयारियों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर नगर आयुक्त श्री यशपाल मीणा ने बड़ा एक्शन लिया है। नाला उड़ाही कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए नगर आयुक्त ने सभी छह अंचलों के कार्यपालक पदाधिकारियों (Executive Officers) से स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक जवाब न मिलने तक इन सभी अधिकारियों के वेतन रोकने का भी आदेश जारी कर दिया गया है।
खबर के मुख्य अंश:
अफसरों को दो दिन की मोहलत: मुख्यालय ने सभी अंचलों को अप्रैल के अंत तक नाला उड़ाही का काम पूरा करने का डेडलाइन दिया था। कार्य में देरी देखते हुए नगर आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाया है।
पंप सेटों का होगा मॉक ड्रिल: जलजमाव की स्थिति से निपटने के लिए शनिवार को नगर निगम के सभी 166 डीजल चलित और 86 विद्युत चलित पंप सेटों का ट्रायल रन (मॉक ड्रिल) किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपात स्थिति में सभी पंप पूरी क्षमता के साथ काम करें।
नेचुरल ड्रेनेज पर जोर: अपर नगर आयुक्त (सफाई) श्री राजन सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्देश दिया गया कि केवल पंपों पर निर्भर रहने के बजाय ऐसी व्यवस्था बनाएं जिससे पानी अपने आप (Natural Outflow) निकल सके।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि जिन क्षेत्रों में नाले जर्जर हैं, वहां एक महीने के भीतर मरम्मत का कार्य पूरा किया जाए। साथ ही, मैनहोल की लेवलिंग दुरुस्त करने और कैचपिट की नियमित सफाई के निर्देश दिए गए हैं। नाला उड़ाही और सफाई कार्य में लगे सभी वाहनों और मशीनों को एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त करने का आदेश दिया गया है।
फंड का हिसाब और उपयोगिता प्रमाण पत्र
नगर निगम मुख्यालय ने नाला उड़ाही और सफाई कार्यों के लिए प्रत्येक अंचल को एक-एक लाख रुपये आवंटित किए हैं। अधिकारियों को इस राशि का प्राथमिकता के आधार पर उपयोग करने और समय पर ‘यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट’ (UC) जमा करने का सख्त निर्देश दिया गया है।
