Thursday, September 17, 2026
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जमाबंदी सुधार पर राजस्व विभाग का बड़ा एक्शन: मापी होगी तो मुफ्त होगी, रैयत से नहीं वसूला जाएगा एक भी रुपया

पटना, 16 सितंबर: बिहार में जमीन के कागजों को लेकर सालों से परेशान रैयतों के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चल रहे विशेष मिशन मोड अभियान में अगर जमाबंदी सुधार के लिए जमीन की मापी की जरूरत पड़ी, तो रैयत को न तो अलग से आवेदन देना होगा और न ही कोई शुल्क देना होगा। विभाग अपने विशेष सर्वेक्षण अमीनों से निःशुल्क मापी कराएगा।

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राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि जमीन रिकॉर्ड सुधार के नाम पर आम रैयत को किसी अतिरिक्त प्रक्रिया और पैसे के बोझ में नहीं डाला जाएगा। लक्ष्य सिर्फ सुधार नहीं, बल्कि जमाबंदी को शुद्ध, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है।

क्या-क्या होगा इस विशेष अभियान में?

1. कागज से कागज का मिलान: हर अंचल में डिजिटाइज्ड जमाबंदी का मिलान रजिस्टर-2 की स्कैन कॉपी से होगा। नाम, पिता का नाम, खाता-खेसरा, रकबा, लगान में अंतर मिला तो सुधार होगा। शून्य रकबा, शून्य लगान और मिसिंग जानकारी भी दुरुस्त होगी।

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2. मापी का फैसला विभाग करेगा: स्थल की स्थिति साफ करने के लिए मापी जरूरी हुई तो विभाग खुद तय करेगा। रैयत को अमीन के लिए आवेदन नहीं देना है।

3. मृत रैयतों के वारिसों का नामांतरण: राजस्व कर्मचारी हलका स्तर पर मृत जमाबंदीदारों की पहचान करेंगे। वैध उत्तराधिकारियों से कागजात लेकर अंचल अधिकारी उत्तराधिकार नामांतरण करेंगे। निर्विवाद केस में 14 दिन के नोटिस के बाद करेक्शन स्लिप जारी कर जमाबंदी और लगान मांग अपडेट कर दी जाएगी।

4. विवादित जमीन पर सख्ती: सरकारी, सार्वजनिक भूमि, जल-निकाय, सीलिंग जमाबंदी, कोर्ट में लंबित विवाद और मूल अभिलेख से गंभीर विरोधाभास वाले मामलों में बिना पूरी जांच के नामांतरण नहीं होगा।

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5. रोजाना मॉनिटरिंग और रैंडम जांच: अंचल अधिकारी रोज की रिपोर्ट DCLR और अपर समाहर्ता को देंगे। अपर समाहर्ता जिले के नोडल होंगे और समाहर्ता खुद समीक्षा करेंगे। विभाग VC से निगरानी करेगा। गुणवत्ता के लिए DCLR 5%, अपर समाहर्ता 2% और समाहर्ता 1% मामलों की रैंडम जांच करेंगे। लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी।

राजस्व विभाग में फिर लौटा सख्ती का दौर

बिहार में पूर्व उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा जब राजस्व विभाग के मंत्री थे, तो उन्होंने कामचोर और भ्रष्ट अधिकारियों में आतंक का माहौल कायम कर दिया था। अंचल से लेकर जिला तक औचक निरीक्षण और सख्त कार्रवाई से विभाग में अनुशासन दिखने लगा था।

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देर से ही सही, नए राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल भी उसी रास्ते पर धीरे-धीरे लापरवाह अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लगाम कसना शुरू कर दिया है, जिसकी परिणति आज राजस्व विभाग द्वारा जारी यह प्रेस विज्ञप्ति है। मुफ्त मापी, बिना आवेदन के सुधार और मिशन मोड में अभियान जैसी घोषणाएं उसी सख्ती की अगली कड़ी मानी जा रही हैं।

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