पटना। बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन (एटक) के आह्वान पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश भर की हजारों आंगनबाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं दिल्ली में हुंकार भरेंगी।
आगामी 21 से 23 अप्रैल 2026 तक नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी ‘महा-पड़ाव’ और धरना-प्रदर्शन में बिहार की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अंतिम चरण यानी 23 अप्रैल को अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगी।
निदेशक ICDS को दी गई सूचना
यूनियन के महासचिव कुमार विंदेश्वर सिंह द्वारा यूनियन पदाधिकारियों के लिए जारी पत्र। में यह कहा है कि राज्य कमेटी की ओर से इस कार्यक्रम की लिखित सूचना निदेशक, ICDS (पटना) को पहले ही दे दी गई है।
महासचिव कुमार विंदेश्वर ने सभी जिला और परियोजना कमेटियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO), जिलाधिकारी (DM) और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) को आंदोलन के संबंध में तुरंत पत्र सौंपें। महासचिव ने उन जिलों के प्रति चिंता व्यक्त की है जिन्होंने अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है।
पटना में मई में होगा राज्य सम्मेलन
दिल्ली आंदोलन के साथ-साथ यूनियन ने आगामी रणनीति पर भी पत्र में चर्चा की गई है। संगठन की मजबूती के लिए 23 और 24 मई 2026 को पटना में भव्य राज्य सम्मेलन का आयोजन किया गया है। इस सम्मेलन की सफलता और दिल्ली रैली के खर्च हेतु सभी परियोजना कमेटियों को समय से आर्थिक सहयोग राशि जमा करने का निर्देश दिया गया है।
मान-सम्मान की लड़ाई
महासचिव ने अपने संबोधन में कहा, “संगठन को मजबूत करना और लिए गए फैसलों को सख्ती से लागू करना अनिवार्य है। तभी आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं का मान-सम्मान बचेगा और उन्हें हक-अधिकार प्राप्त हो सकेगा।”
उन्होंने राज्य, जिला और परियोजना स्तर के सभी नेतृत्वकर्ताओं से एकजुट होकर इस आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।
