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Sunday, September 27, 2026
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विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर विपक्ष के आरोप तथ्यहीन एवं बेबुनियाद: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (एस०आई०आर०) को लेकर विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों का करारा जवाब दिया है। मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित 'संवाद' कक्ष में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार में SIR की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों, निष्पक्षता और पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न की गई है।

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर विपक्ष के आरोप तथ्यहीन एवं बेबुनियाद: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

पटना, 27 सितंबर 2026: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (एस०आई०आर०) को लेकर विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों का करारा जवाब दिया है। मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ कक्ष में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार में SIR की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों, निष्पक्षता और पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न की गई है।

पारदर्शी प्रक्रिया और नियमों का पालन मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में 24 जून 2025 से 25 जुलाई 2025 तक एस०आई०आर० की प्रक्रिया चलाई गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना तथा मृत व्यक्तियों, स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके लोगों और दोहरे दर्ज मतदाताओं के विवरण का सत्यापन करना था।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं काटा गया है। प्रक्रिया के दौरान दावा और आपत्ति दर्ज कराने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2003 में राबड़ी देवी के कार्यकाल में और वर्ष 2025 में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहते भी एस०आई०आर० कराया गया था। 2003 की मतदाता सूची को निर्वाचन आयोग द्वारा ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया था ताकि लोग सत्यापन कर सकें।

संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा रखें, भ्रम न फैलाएं कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा उठाए गए सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्वाचन आयोग पहले ही इस मामले में स्थिति स्पष्ट कर चुका है। यदि किसी को वास्तविक शिकायत है, तो उसे नियमानुसार तथ्यों और प्रमाणों के साथ सामने लाना चाहिए, लेकिन अभी तक ऐसी कोई ठोस शिकायत नहीं आई है।

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उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार पहचान सत्यापन के लिए आधार कार्ड को भी स्वीकार किया गया था, हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि निर्वाचन आयोग और न्यायपालिका लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और चुनाव संबंधी किसी भी शिकायत के निवारण के लिए कानूनी रास्ते खुले हैं।

मुद्दाविहीन विपक्ष फैला रहा है भ्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में विकास की गति अत्यंत तेज हुई है। एक गरीब का बेटा देश का नेतृत्व कर रहा है, जो विपक्ष को पच नहीं रहा है। देश की प्रगति से ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह जनता के बीच भ्रम फैलाने में जुटा है।

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मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विशेषकर गरीबों के आवास निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।

राजनीतिक दलों से अपील मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे लोकतंत्र का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही असली मालिक है जो मताधिकार के जरिए प्रतिनिधियों को चुनती है। इसलिए विपक्षी दलों को तथ्यहीन आरोप लगाने के बजाय जनहित के वास्तविक मुद्दों को लेकर प्रमाणिकता के साथ जनता के बीच जाना चाहिए।

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