ECI में फूट की खबरों के बीच एकजुटता का संदेश – ज्ञानेश कुमार, संधू और जोशी एक साथ, मतभेद की खबरों को किया खारिज
नई दिल्ली, 26 सितंबर : एक तरफ जहां कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल समेत पूरे विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी है, वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने आज एकजुटता का बड़ा संदेश दिया है।
शनिवार दोपहर 3 बजे निर्वाचन सदन, नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में पूर्ण आयोग की बैठक हुई, जिसमें दोनों चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी मौजूद रहे। बैठक के बाद आयोग ने तीनों आयुक्तों की एक साथ बैठी हुई तस्वीर जारी कर मतभेद की सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया।
क्यों अहम थी यह बैठक?
दरअसल, एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने Special Intensive Revision (SIR) समेत कई फैसलों पर 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। इसी रिपोर्ट के बाद विपक्ष ने इसे आयोग के अंदर की फूट बताते हुए CEC के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी थी।
आयोग का Point-by-Point जवाब
बैठक के बाद आयोग ने 5 बड़े मुद्दों पर बिंदुवार स्पष्टीकरण जारी किया:
1. SIR का फैसला सर्वसम्मत: आयोग ने कहा कि 24 जून 2025 को SIR शुरू करने का आदेश पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से जारी हुआ था। सुप्रीम कोर्ट भी इसे बरकरार रख चुका है।
2. Form 6 विवाद: नए वोटर फॉर्म में माता-पिता से मैपिंग वाले डिक्लेरेशन पर उठे सवाल पर आयोग ने कहा कि यह प्रक्रिया वैधानिक है।
3. ECINET पोर्टल: वोटर लिस्ट डेटा के एक्सेस को लेकर आयोग ने कहा कि फील्ड अफसरों को उनके अधिकार के अनुसार ही एक्सेस दिया गया है। अब इसकी समीक्षा के लिए एक सीनियर डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी, जिसमें IIT / IIIT का एक्सपर्ट भी होगा।
4. कैबिनेट सचिव को पत्र: आयोग ने साफ किया कि यह पत्र किसी नीतिगत मामले को लेकर नहीं, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के कामकाज को लेकर था।
5. गोवा के 97 वोटर: गोवा में 97 वोटरों के नाम छूटने के मामले में BLO को घर-घर जाकर फॉर्म भरवाने का निर्देश दिया गया है, जिसमें से 81 वोटर फॉर्म 6 भर चुके हैं।
दो बड़े फैसले
आयोग ने अंदरूनी सुधार के लिए दो अहम फैसले भी लिए – अब से हर बैठक का एजेंडा पहले से भेजा जाएगा और उसका मिनट्स जारी होगा।
साथ ही मतदाताओं को राहत देते हुए SIR में दावे-आपत्ति की तारीख बढ़ा दी गई है। दिल्ली में अब 30 अक्टूबर तक दावा कर सकते हैं, जिसका निपटारा 30 नवंबर तक होगा। महाराष्ट्र में यह तारीख 12 अक्टूबर और 10 नवंबर तक बढ़ाई गई है।
कुल मिलाकर, विपक्ष के हमलों के बीच चुनाव आयोग ने एकजुट होकर यह दिखाने की कोशिश की है कि आंतरिक चर्चा लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन अंतिम फैसले सामूहिक और सर्वसम्मत होते हैं।
