पटना नगर निगम का टैक्स कलेक्शन अभियान: PMCH सरकारी और मेदांता गैर-सरकारी क्षेत्र में बने सबसे बड़े करदाता
पटना। पटना नगर निगम क्षेत्र में संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) के समयबद्ध भुगतान को लेकर सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों का उत्साहजनक सहयोग देखने को मिल रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में टैक्स संग्रह अभियान के तहत नगर निगम को बड़ी सफलता मिली है। संस्थानों की इस तत्परता से जहां शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को मजबूती मिल रही है, वहीं समय पर टैक्स देकर इन संस्थानों ने निर्धारित छूट का लाभ भी उठाया है।
सरकारी क्षेत्र: PMCH ने बाजी मारी
सरकारी संस्थानों की श्रेणी में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) 28.50 लाख रुपये का संपत्ति कर जमा कर सूची में सबसे ऊपर रहा।
टॉप 5 सरकारी करदाता:
* PMCH: ₹28.50 लाख
* IGIMS: ₹24.87 लाख
* पटना विमेंस कॉलेज: ₹14.10 लाख
* राजभवन: ₹11.76 लाख
* चंद्रगुप्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (CIMP): ₹10.90 लाख
गैर-सरकारी क्षेत्र: जय प्रभा मेदांता अस्पताल रहा शीर्ष पर
निजी या गैर-सरकारी संस्थानों में जय प्रभा मेदांता अस्पताल ने सर्वाधिक 49.62 लाख रुपये का संपत्ति कर जमा कर मिसाल पेश की है।
टॉप 5 गैर-सरकारी करदाता:
* जय प्रभा मेदांता अस्पताल: ₹49.62 लाख
* HMRI अस्पताल: ₹18.20 लाख
* बेली स्क्वायर मॉल: ₹17.83 लाख
* कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल: ₹16.52 लाख
* सेंट माइकल्स स्कूल: ₹11.13 लाख
टैक्स से वंचित संपत्तियों के लिए घर-घर सर्वे जारी
टैक्स के दायरे को बढ़ाने और आम नागरिकों की सुविधा के लिए नगर निगम द्वारा डोर-टू-डोर संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। निगम की विशेष टीमें घर-घर जाकर संपत्तियों का सर्वेक्षण कर रही हैं। इसके तहत:
* नई संपत्तियों का कर निर्धारण (Assessment) किया जा रहा है।
* पुरानी संपत्तियों का पुनः कर निर्धारण और बकाया टैक्स वसूली की कार्रवाई की जा रही है।
