बिहार विधानसभा अध्यक्ष का ऑस्ट्रेलिया दौरा, सिडनी में ऑस्ट्रेलियाई संसद का किया भ्रमण
पटना / सिडनी, 23 सितंबर। बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार इन दिनों ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर हैं। अपने दौरे के क्रम में उन्होंने सिडनी में ऑस्ट्रेलियाई संसद का भ्रमण किया।
विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, संसद भ्रमण के बाद डॉ. प्रेम कुमार ने ऑस्ट्रेलिया के अटॉर्नी जनरल श्री माइकल डेली, मंत्री श्री जिहाद डिब और सांसदों – श्री स्टीफन बलि, श्री मार्क हॉजेस, श्री ह्यू मैकडरमॉट और श्री वॉरेन किर्बी के साथ शिष्टाचार भेंट कर संसदीय संवाद किया।
इस अवसर पर डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि आप सभी के बीच उपस्थित होना मेरे लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। बिहार विधानसभा की ओर से मैं आप सभी का हार्दिक अभिनंदन करता हूँ।
उन्होंने कहा कि आज भारत तीव्र आर्थिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इकोनॉमी, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। विश्व बैंक के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत की वास्तविक अर्थव्यवस्था 7.6 प्रतिशत की दर से बढ़ी है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।
डॉ. कुमार ने कहा कि इस विकास यात्रा में राज्यों की भूमिका अहम है। बिहार की सबसे बड़ी ताकत यहां की युवा आबादी, प्रतिभाशाली मानव संसाधन, कृषि क्षमता और उद्यमशीलता की भावना है। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सड़कों-पुलों, कनेक्टिविटी, उद्योग, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कौशल विकास और रोजगार जैसे क्षेत्रों में नई गति से आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन सरकार के माध्यम से केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय से विकास परियोजनाओं को तेजी मिल रही है।
उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, निवेश को आकर्षित करना, उद्योगों को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए बेहतर अवसर पैदा करना है।
डॉ. प्रेम कुमार ने इस दौरान बिहार और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर भी चर्चा की और ऑस्ट्रेलियाई सांसदों को भारत-ऑस्ट्रेलिया सहयोग के अगले चरण में बिहार को एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में देखने का आमंत्रण दिया।
उन्होंने कहा कि आज की यह बातचीत न केवल भारत और ऑस्ट्रेलिया, बल्कि बिहार और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी की नींव बन सकती है।
