पटना:
जन-स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने और भविष्य में आने वाली संभावित स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने की तैयारी के तहत पटना नगर निगम की मेट्रोपॉलिटन सर्विलांस यूनिट (MSU) द्वारा एक दिवसीय ‘वन हेल्थ इंटीग्रेशन एंड सेंसिटाइजेशन वर्कशॉप’ का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मानव, पशु और पर्यावरण स्वास्थ्य के बीच समन्वय स्थापित कर एकीकृत बीमारी निगरानी प्रणाली को मजबूत करना रहा।
विभिन्न विभागों और प्रमुख संस्थानों की साझी भागीदारी
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में पटना नगर निगम की माननीय महापौर श्रीमती सीता साहू, माननीय उपमहापौर श्रीमती रेशमी कुमारी तथा पटना के सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र मंडल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा स्वास्थ्य, पशुपालन, कृषि, वन एवं पर्यावरण, गृह, शहरी विकास और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ ICMR-RMRI, NCDC बिहार, AIIMS पटना, IGIMS, PMCH, NMCH, पटना वेटरनरी कॉलेज तथा बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधियों एवं विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
बीमारी की त्वरित पहचान और तकनीकी निगरानी पर मंथन
तकनीकी सत्रों के दौरान IHIP, IDSP, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) निगरानी, WHONET रिपोर्टिंग, जूनोटिक (पशुओं से इंसानों में फैलने वाली) बीमारियों की रोकथाम, प्रयोगशाला नेटवर्किंग और पर्यावरणीय निगरानी जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी बीमारी या प्रकोप की समय रहते पहचान के लिए मानव, पशु और पर्यावरण से जुड़े विभागों के बीच रीयल-टाइम डेटा साझा करना बेहद जरूरी है।
भविष्य की आपदाओं के लिए तैयार होगा सर्विलांस नेटवर्क
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि एक मजबूत प्रयोगशाला नेटवर्क और साक्ष्य-आधारित निर्णय प्रणाली के जरिए ही मेट्रोपॉलिटन सर्विलांस को असरदार बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर MSU के डॉ. रंजीत कुमार, गेट्स फाउंडेशन के डॉ. अरिंदम रे और FIND के डॉ. नवनीत रंजन सहित कई विशेषज्ञ उपस्थित रहे। वहीं NCDC नई दिल्ली से डॉ. आस्था, डॉ. शुभांगी एवं डॉ. संजीव ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। मेट्रोपोलिटन सर्विलांस यूनिट आने वाले समय में भी इस दृष्टिकोण को और मजबूत करने के लिए सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर कार्य करती रहेगी।
