पटना
पटना जिले में ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। जिलाधिकारी कुन्दन कुमार ने योजना की समीक्षा बैठक करते हुए संबंधित अधिकारियों, बैंकों और कार्यान्वयन एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण सोलर पैनल स्थापित करने तथा लोन आवेदनों का त्वरित निष्पादन करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
बीपीएल परिवारों के घरों पर मुफ्त सोलर पैनल:
बैठक में बताया गया कि योजना के तहत बीपीएल (BPL) परिवारों के घरों पर पूरी तरह मुफ्त सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। पटना जिले में नवंबर माह तक कुल 5,585 बीपीएल परिवारों के यहां सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसके मुकाबले अब तक 441 सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं।
डीएम ने शेष लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को एजेंसी ‘सनफीड इको सोलूशन्स’ के कार्यों की नियमित निगरानी करने और मैनपावर बढ़ाने का निर्देश दिया। वर्तमान में प्रतिदिन लगाए जा रहे 100 सोलर पैनल की संख्या को बढ़ाकर प्रतिदिन 150 करने का लक्ष्य दिया गया है।
गैर-बीपीएल परिवारों को 78,000 रुपये तक की सब्सिडी:
योजना का लाभ गैर-बीपीएल परिवारों को भी दिया जा रहा है। सब्सिडी का ढांचा इस प्रकार है:
1 किलोवाट संयंत्र: 30,000 रुपये सब्सिडी
2 किलोवाट संयंत्र: 60,000 रुपये सब्सिडी
3 किलोवाट या अधिक संयंत्र: अधिकतम 78,000 रुपये सब्सिडी
इसके अलावा, इच्छुक लाभार्थियों को सोलर पैनल लगाने के लिए रियायती दरों पर बैंक ऋण (Loan) की सुविधा भी दी जा रही है।
छोटे-मोटे कारणों से निरस्त न हों ऋण आवेदन, लगेगा लोन मेला:
बैंकों द्वारा ऋण आवेदन अस्वीकृत करने के मामलों पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि मामूली या सुधार योग्य त्रुटियों के आधार पर आवेदन खारिज न किए जाएं। यदि आवेदन में कोई कमी है, तो आवेदक का मार्गदर्शन कर उसे ठीक कराया जाए।
डीएम ने बैंकों को अधिक से अधिक पात्र लोगों को जोड़ने के लिए विशेष ‘लोन मेला’ आयोजित करने और समयबद्ध तरीके से लोन स्वीकृत करने का आदेश दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त शुभम कुमार, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
