पटना: बिहार की छवि को राष्ट्रीय और वैश्विक मंचों पर एक प्रगतिशील, निवेश-अनुकूल और अवसरों से भरे राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए बिहार सरकार ने आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।
राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर “ब्रांड बिहार” पहल की शुरुआत की घोषणा की है। मुख्य सचिव कोषांग (Chief Secretary’s Cell) के तहत स्थापित यह एक रणनीतिक और राज्य-व्यापी पहल है, जिसका उद्देश्य बिहार के लिए एक एकजुट, प्रामाणिक और भविष्य के लिए तैयार पहचान विकसित करना है।
“ब्रांड बिहार” सीधे तौर पर बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत के कुशल नेतृत्व में कार्य करेगा, जो इसे रणनीतिक दिशा प्रदान करेंगे। इस महत्वाकांक्षी पहल को प्रसिद्ध मीडिया उद्यमी श्रद्धा शर्मा द्वारा सहयोग प्रदान किया जाएगा।
क्यों पड़ी “ब्रांड बिहार” की जरूरत?
इस पहल का मुख्य उद्देश्य तथ्यों, साक्ष्यों और जमीनी स्तर पर हो रहे वास्तविक बदलावों के माध्यम से राज्य की छवि को मजबूत करना है। “ब्रांड बिहार” के तहत राज्य में हो रहे बुनियादी ढांचागत सुधारों, विकासात्मक कार्यों, संस्थागत बदलावों, उद्यमिता (स्टार्टअप्स), समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और नागरिकों की सफलता की कहानियों को एकीकृत तरीके से दुनिया के सामने पेश किया जाएगा।
यह केवल एक संचार (कम्युनिकेशन) अभियान नहीं है, बल्कि बिहार को निवेश, नवाचार (इन्नोवेशन) और नए अवसरों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में ब्रांड करने का एक दीर्घकालिक प्रयास है।
“ब्रांड बिहार” के 6 प्रमुख फोकस क्षेत्र:
साक्ष्य-आधारित स्टोरीटेलिंग: प्रामाणिक आंकड़ों और जमीनी कहानियों के माध्यम से बिहार की सकारात्मक व आधुनिक छवि का निर्माण करना।
विकासात्मक कार्यों का प्रदर्शन: सरकारी सुधारों, विभागीय उपलब्धियों और आम नागरिकों के जीवन पर पड़े सकारात्मक प्रभाव को दुनिया के सामने लाना।
निवेश को बढ़ावा: राज्य में मौजूद व्यावसायिक संभावनाओं को उजागर कर बिहार को एक बेहतरीन इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में पोजिशन करना।
कोलाबोरेटिव प्लेटफॉर्म: विकास यात्रा को व्यापक बनाने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों, उद्योगों, स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों और समुदायों को एक मंच पर लाना।
रणनीतिक संचार ढांचा: राज्य के लिए एक मजबूत और दीर्घकालिक ब्रांड आर्किटेक्चर व स्ट्रेटेजिक कम्युनिकेशन फ्रेमवर्क तैयार करना।
AI आधारित मॉनिटरिंग: जनता की आकांक्षाओं और जनभावनाओं को समझने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सेंटीमेंट मैपिंग और डैशबोर्ड का निर्माण करना।
कैसे काम करेगी यह पहल?
“ब्रांड बिहार” बिहार सरकार के सभी विभागों के साथ मिलकर एक साझा और मजबूत नैरेटिव (साझा दृष्टिकोण) तैयार करेगी। इसके लिए एक स्ट्रक्चर्ड मैकेनिज्म (व्यवस्थित तंत्र) बनाया गया है, जिसके तहत सभी विभाग आपस में नॉलेज और डेटा शेयरिंग करेंगे, ताकि राज्य की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रलेखित (डॉक्युमेंट) और संप्रेषित (कम्युनिकेट) किया जा सके।
नेतृत्व का संदेश:
” ‘ब्रांड बिहार’ केवल एक प्रचार माध्यम नहीं है, बल्कि राज्य के दीर्घकालिक परिवर्तन और छवि-निर्माण का एक गंभीर प्रयास है। यह विकास, नई पहचान, वैश्विक निवेश और नागरिक भागीदारी को एक सूत्र में पिरोकर बिहार के सुनहरे भविष्य की नींव रखेगा।”
