पटना (विकास भवन): बिहार में खेल विकास और खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर रोडमैप तैयार कर लिया है। बुधवार को खेल मंत्री श्रेयसी सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य को खेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और अग्रणी बनाने के लिए कई दूरगामी फैसले लिए गए। इस बैठक में नवनियुक्त खेल सचिव विनोद सिंह गुंज्याल और खेल निदेशक आरिफ अहसन समेत विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान खेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब विभागीय कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योजनाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए हर सोमवार और बुधवार को विभागीय समीक्षा अनिवार्य कर दी गई है।
- इंटरनेशनल स्पोर्ट्स हब बनेगा राजगीर
बिहार सरकार राजगीर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल गतिविधियों के एक प्रमुख केंद्र (स्पोर्ट्स हब) के रूप में विकसित करने जा रही है। योजना यह है कि देश के दिग्गज और प्रतिष्ठित खिलाड़ी राजगीर आकर राज्य के युवाओं के साथ संवाद करें, प्रशिक्षण दें और उन्हें प्रेरित करें। इसके अलावा, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ मॉडल की तर्ज पर बिहार में भी आधुनिक खेल विशेषज्ञ, उत्कृष्ट प्रशिक्षक और तकनीकी स्टाफ की तैनाती की जाएगी। - वाटर स्पोर्ट्स अकादमी और अत्याधुनिक शूटिंग रेंज
राज्य में बुनियादी खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए दो बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी गई है:
बांका (ओढ़नी डैम): यहाँ प्रस्तावित वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के लिए विस्तृत मॉडल और प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) जल्द तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
जमुई: यहाँ अत्याधुनिक शूटिंग रेंज का निर्माण किया जाएगा।
खेल मंत्री ने निर्देश दिया है कि इन दोनों परियोजनाओं में देश के अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज (सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों) और आधुनिक मानकों को शामिल किया जाए ताकि वित्तीय स्वीकृति मिलते ही काम शुरू हो सके।
- देश के प्रथम ओलंपियन शिवनाथ सिंह को मिलेगा सम्मान
बिहार के महान धावक और राज्य के पहले ओलंपियन शिवनाथ सिंह की यादों और उनके संघर्षों को जीवित रखने के लिए खेल विभाग ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। शिवनाथ सिंह ने 1976 और 1980 के ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और 1978 में बनाया गया उनका मैराथन का राष्ट्रीय रिकॉर्ड दशकों तक अटूट रहा। नई पीढ़ी को उनसे प्रेरणा मिल सके, इसके लिए खेल भवन में उनके जीवन परिचय, संघर्षों और उपलब्धियों को भव्य रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
- सितंबर में सजेगा ‘राज्य खेलों’ का महाकुंभ
बिहार ओलंपिक संघ के तत्वावधान में इसी साल 27 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026 तक राज्य खेलों (State Games) का आयोजन किया जाएगा। बिहार ओलंपिक संघ के अध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि यह आयोजन राज्य के खेल इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। खेल मंत्री ने निर्देश दिया है कि इस प्रतियोगिता के विजेताओं को न केवल सम्मानित किया जाएगा, बल्कि उन्हें देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में ट्रेनिंग के अवसर भी दिए जाएंगे।
बैठक के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
PPP मॉडल और आत्मनिर्भर खेल मैदान: जिला और प्रखंड स्तर पर बने खेल स्टेडियमों के रखरखाव के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) गाइडलाइंस पर चर्चा हुई। इसके लिए एक सख्त SOP और पारदर्शिता अपनाई जाएगी, जो जिलाधिकारियों की निगरानी में काम करेगी।
नो नॉन-स्पोर्ट्स एक्टिविटी: खेल मंत्री ने सख्त लहजे में निर्देश दिया कि राज्य की किसी भी खेल अवसंरचना (स्टेडियम या मैदान) का उपयोग किसी गैर-खेल गतिविधियों या अन्य विभागीय कार्यों के लिए कतई नहीं किया जाएगा।
खिलाड़ियों के लिए एक्सचेंज प्रोग्राम: बिहार के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को आधुनिक ट्रेनिंग के लिए दूसरे राज्यों और राष्ट्रीय अकादमियों में भेजा जाएगा।
खेल संघों को जिम्मेदारी: प्रखंड और पंचायत स्तर पर बने खेल ढांचों को सक्रिय रखने के लिए उन्हें चरणबद्ध तरीके से विभिन्न खेल संघों को सौंपा जाएगा ताकि मैदानों का नियमित उपयोग हो सके।
खेल मंत्री श्रेयसी सिंह का संदेश:
“एकलव्य विद्यालयों और खेल प्रशिक्षण केंद्रों की चयन प्रक्रिया से लेकर ट्रेनिंग व्यवस्था तक की नियमित मॉनिटरिंग होगी। हमारा लक्ष्य बिहार के खिलाड़ियों को देश के शीर्ष खेल संस्थानों के स्तर की सुविधाएं और माहौल देना है।”
