पटना: बिहार सरकार के ‘सात निश्चय-3’ के तहत नागरिकों के जीवन को सुगम बनाने के लिए पटना जिला प्रशासन एक बड़ी पहल करने जा रहा है। मुख्यमंत्री की घोषणा के आलोक में जिला अंतर्गत ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ (Ease of Living) के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए आगामी 19 मई 2026 (मंगलवार) से ‘सहयोग शिविर’ का शानदार शुभारंभ होने जा रहा है।
अब आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि “आपकी सरकार, आपके द्वार” की परिकल्पना के तहत खुद अधिकारी पंचायत स्तर पर पहुंचकर जन-शिकायतों का निपटारा करेंगे।
पटना के जिलाधिकारी (DM) डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने इस महा-अभियान की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और सभी संबंधित पदाधिकारियों को इसका सफल आयोजन सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया है।
क्या है सहयोग शिविर? (मुख्य बातें)
कब होगा आयोजन: 19 मई से शुरुआत। इसके बाद प्रत्येक महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को यह शिविर आयोजित किया जाएगा।
समय और स्थान: यह शिविर सुबह 10:00 बजे से प्रत्येक पंचायत के पंचायत सरकार भवन या किसी निकटवर्ती सार्वजनिक स्थल पर आयोजित होगा। पहले दिन (19 मई को) पटना जिले के विभिन्न प्रखंडों की 40 पंचायतों में कैंप लगाए जाएंगे।
19 विभागों के काउंटर: शिविर स्थल पर जनता की सहूलियत के लिए एक ही छत के नीचे कुल 19 विभागों के काउंटर और स्टॉल लगाए जाएंगे।
30 दिनों में गारंटीड समाधान: शिविर में दर्ज होने वाले हर परिवाद (शिकायत) का 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से निष्पादन कर उसकी लिखित सूचना आवेदक को दी जाएगी और इसे सहयोग पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
57 नोडल अधिकारी प्रतिनियुक्त, जिला प्रशासन की पैनी नजर
जिलाधिकारी ने इस अभियान को सुगमता से चलाने के लिए जिला स्तर पर एक ‘सहयोग सेल’ का गठन किया है, जिसमें 57 नोडल अधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया गया है। इसके अलावा, सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) को अपने-अपने क्षेत्रों में इन शिविरों की लाइव मॉनिटरिंग (अनुश्रवण) करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बैठक में जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा:
”जन शिकायतों का निवारण अपरिहार्य है और जनता की संतुष्टि अनिवार्य है। पदाधिकारी केवल फाइलों पर परिवादों का निष्पादन न करें, बल्कि पूरी पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और संवेदनशीलता के साथ गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें।”
इन 5 मुख्य समस्याओं का मौके पर होगा समाधान
ग्रामीण और आम नागरिक निम्नलिखित समस्याओं/शिकायतों को लेकर शिविर में आ सकते हैं:
योजनाएं: राशन कार्ड, वृद्धावस्था/विकलांग पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा से जुड़ी समस्याएं।
राजस्व मामले: भूमि विवाद, दाखिल-खारिज (Mutation), और जमीन का सीमांकन (नापी)। शिविर में लंबित व निष्पादित मामलों की सूची भी प्रदर्शित की जाएगी।
प्रमाण पत्र: जाति, आय, निवास एवं अन्य आवश्यक सरकारी प्रमाण पत्र।
बुनियादी सुविधाएं: बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी शिकायतें।
सुझाव/शिकायत: किसी भी अन्य सरकारी योजना से संबंधित समस्या या फीडबैक।
आवेदन कैसे करें? (एडवांस और स्पॉट बुकिंग की सुविधा)
30 दिन पहले से आवेदन: शिविर की निर्धारित तिथि से 30 दिन पहले से ही आयोजन स्थल पर कर्मी तैनात रहेंगे, जो लोगों से आवेदन/परिवाद प्राप्त कर पंजी (रजिस्टर) में दर्ज करेंगे।
ऑन-स्पॉट आवेदन: जो लोग पहले आवेदन नहीं दे पाएंगे, उनके आवेदन शिविर वाले दिन मौके पर भी स्वीकार किए जाएंगे।
घर बैठे ऑनलाइन शिकायत: जनता कभी भी, कहीं से भी अपनी शिकायत सीधे सहयोग पोर्टल (sahyog.bihar.gov.in) पर ऑनलाइन दर्ज करा सकती है।
जिला प्रशासन की अपील और हेल्पलाइन नंबर
पटना जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इस ‘सहयोग शिविर’ में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपनी समस्याओं का ऑन-स्पॉट समाधान पाएं और अपने परिचितों को भी इसकी जानकारी दें।
निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर: शिविर की तिथि, स्थान या किसी भी अन्य जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1100 पर सुबह 8:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।
