बड़ी उपलब्धि: अब तक करीब साढ़े चार लाख पटनावासियों ने ऑनलाइन दर्ज कराया अपना फीडबैक।
छात्रों में भारी उत्साह: बोरिंग रोड, मुसल्लाहपुर हाट और बाजार समिति के कोचिंग हब और हॉस्टलों से मिला बंपर रिस्पॉन्स।
सवालों की कसौटी: कचरा प्रबंधन, सफाई और सार्वजनिक शौचालयों से जुड़े 13 महत्वपूर्ण सवालों पर जनता दे रही है राय।
शिकायत के लिए हेल्पलाइन: निगम ने टोल फ्री नंबर 155304 और व्हाट्सएप चैटबॉट 9264447449 जारी किया।
पटना। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के अंतर्गत पटना ने पूरे देश में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। शहर की साफ-सफाई और नगर निगम की व्यवस्थाओं पर अपनी राय देने यानी ‘सिटीजन फीडबैक’ के मामले में पटनावासी पूरे देश में दूसरे स्थान पर आ गए हैं।
इसका सीधा और बड़ा फायदा आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण की फाइनल रैंकिंग में पटना को मिलने वाला है। शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 4,49,689 (करीब साढ़े चार लाख) नागरिकों ने ऑनलाइन माध्यम से अपना बहुमूल्य फीडबैक दर्ज कराया है।
इंदौर पहले पायदान पर, पटना दे रहा कड़ी टक्कर
स्वच्छ भारत मिशन द्वारा जारी देश के शीर्ष 5 शहरों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पटना ने लखनऊ और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों को पछाड़ दिया है:
- इंदौर: 6,81,187 फीडबैक (प्रथम स्थान)
- पटना: 4,49,689 फीडबैक (द्वितीय स्थान)
- लखनऊ: 4,39,075 फीडबैक (तृतीय स्थान)
- प्रयागराज: 3,62,752 फीडबैक (चतुर्थ स्थान)
- आगरा: 3,59,671 फीडबैक (पांचवां स्थान)
मैदान में उतरीं नगर निगम की 13 टीमें, कोचिंग हब में दिखा जबरदस्त क्रेज
इस अभियान को सफल बनाने के लिए पटना नगर निगम ने अधिकारियों, कर्मचारियों और कंसल्टेंट्स को मिलाकर दो-दो सदस्यों की कुल 13 विशेष टीमें गठित की हैं।
अभियान के दौरान सबसे अधिक उत्साह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों में देखा जा रहा है।
निगम की टीमों ने शहर के प्रमुख कोचिंग एरिया जैसे बोरिंग रोड, मुसल्लाहपुर हाट, बाजार समिति और अशोक राजपथ स्थित कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में जाकर छात्रों से ऑन-द-स्पॉट फीडबैक कराया है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, पार्क, चिड़ियाघर, मॉल, स्लम बस्तियों और प्रमुख चौराहों पर लोगों को लाइव डेमो देकर जागरूक किया जा रहा है।
इन 13 महत्वपूर्ण सवालों पर टिकी है पटना की रैंकिंग
स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत नागरिकों से शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर 13 सवाल पूछे जा रहे हैं। केंद्रीय टीम जब ऑन-फील्ड वेरिफिकेशन के लिए पटना आएगी, तब भी वह आम जनता से इन्हीं विषयों पर सवाल करेगी:
- घर-दुकान से नियमित कचरा उठाव और सूखा-गीला कचरा अलग-अलग करने की स्थिति।
- मोहल्ले में रोजाना झाड़ू लगना और सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई का स्तर।
- सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति और रखरखाव से संतुष्टि।
- रिड्यूस, रीयूज़, रीसाइकल (RRR) सेंटर और सीवर सफाई की जानकारी।
- स्थानीय अधिकारियों द्वारा सफाई से जुड़ी शिकायतों का निपटारा और उसका फीडबैक।
कुल 12,500 अंकों पर होगा मूल्यांकन
इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर निकायों की रैंकिंग तय करने के लिए कुल 12,500 अंक निर्धारित किए गए हैं, जिसमें सिटीजन फीडबैक की भूमिका बेहद अहम है:
ऑन-ग्राउंड असेसमेंट: 9,500 अंक
सर्टिफिकेशन (ODF, Water Plus, Garbage Free City): 2,000 अंक
सिटीजन फीडबैक: 1,000 अंक
फीडबैक कैसे दें?
कोई भी नागरिक अपने मोबाइल से ऑनलाइन पोर्टल cf.sbmurban.org पर जाकर लॉग इन कर सकता है। पूछे गए सवालों का जवाब देने के बाद ओटीपी (OTP) सत्यापन के जरिए इसे सबमिट करना होगा। ध्यान रहे, एक फोन नंबर से केवल एक ही फीडबैक मान्य होगा।
पटना नगर निगम की अपील: नगर निगम ने सभी पटनावासियों से अपने घर, मोहल्ले और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है। अगर आपके इलाके में कचरा उठाव, नाले की सफाई या सार्वजनिक शौचालय से जुड़ी कोई समस्या है, तो उसकी शिकायत तुरंत निगम के टोल फ्री नंबर 155304 या व्हाट्सएप चैटबॉट 9264447449 पर दर्ज कराएं।
