भागलपुर/सुल्तानगंज: बिहार के भागलपुर जिले का सुल्तानगंज इलाका उस वक्त दहल उठा जब नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्ण भूषण कुमार की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। यह वारदात महज़ एक अपराधी घटना नहीं, बल्कि सरकारी निविदाओं (Tenders), अवैध वसूली और नगर निकाय के भीतर वर्चस्व की उस खूनी जंग का नतीजा है, जिसने एक ईमानदार अधिकारी की बलि ले ली।
बीते मंगलवार को जब हथियारबंद अपराधियों ने नगर परिषद सभापति राजकुमार गुड्डू को अपना निशाना बनाया, तब वहां मौजूद ईओ कृष्ण भूषण कुमार ने भागने के बजाय साहस का परिचय दिया। चश्मदीदों के अनुसार, अपराधियों को गोली चलाते देख ईओ खुद उनसे भिड़ गए और उनका हथियार छीनने की कोशिश की। इसी हाथापाई के दौरान अपराधियों ने उनके सिर में बेहद करीब से गोली मार दी। सभापति राजकुमार गुड्डू भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज फिलहाल पटना में चल रहा है।
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निविदा और घाटों की बंदोबस्ती: हाल ही में नमामि गंगे घाट और पार्किंग स्थलों के ठेकों (Tenders) को लेकर विवाद चरम पर था। ईओ और सभापति द्वारा पारदर्शिता बरतने और माफियाओं के हस्तक्षेप को रोकने के फैसले ने अपराधियों को उकसाया।
अवैध वसूली पर कड़ा प्रहार: सुल्तानगंज के घाटों पर होने वाली अवैध वसूली और पार्किंग माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने हाल के दिनों में सख्त रुख अख्तियार किया था। अतिक्रमण हटाओ अभियान ने स्थानीय भू-माफियाओं और बाहुबलियों के आर्थिक हितों पर गहरी चोट की थी।
वर्चस्व की जंग: इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी रामधनी यादव, नगर परिषद की उपसभापति नीलम देवी का पति था। नगर निकाय के भीतर सत्ता और प्रभाव को लेकर चल रही आपसी रंजिश इस खूनी खेल की मुख्य पटकथा बनी।
पुलिस का ‘इंसाफ’: मुठभेड़ में मुख्य आरोपी ढेर
हत्याकांड के बाद हरकत में आई भागलपुर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू किया। एसपी प्रमोद कुमार यादव के नेतृत्व में छापेमारी कर रही टीम पर मुख्य आरोपी रामधनी यादव ने फायरिंग कर दी।
जवाबी कार्रवाई: पुलिस की जवाबी फायरिंग में रामधनी यादव मारा गया।
जख्मी जांबाज: इस मुठभेड़ में अपराधियों का लोहा लेते हुए DSP (लॉ एंड ऑर्डर) नवनीत कुमार, सुल्तानगंज इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार और तकनीकी शाखा प्रभारी परमेश्वर भी घायल हुए हैं।
प्रशासनिक हलकों में शोक और आक्रोश
ईओ कृष्ण भूषण कुमार की शहादत ने प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों में गहरा रोष पैदा कर दिया है। सुल्तानगंज की जनता एक तरफ जहाँ अपने कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी को खोने से दुखी है, वहीं पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को न्याय की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।
