पटना। बिहार के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और उन्हें आधुनिक डिजिटल कौशल से लैस करने के लिए राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। सूचना प्रावैधिकी (IT) मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने बिहार कौशल विकास मिशन के तहत चल रहे आईटी-आईटीईएस (IT-ITeS) प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पाठ्यक्रमों को शामिल करने का कड़ा निर्देश दिया है।
बुधवार को पटना स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब पारंपरिक प्रशिक्षण के बजाय उद्योग की वर्तमान मांग (Industry Demand) के अनुरूप युवाओं को तैयार करना प्राथमिकता होगी
AI आधारित पाठ्यक्रम पर जोर: मंत्री श्रेयसी सिंह ने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण मॉड्यूल में जल्द से जल्द AI और आधुनिक तकनीकी नवाचारों को जोड़ा जाए। उनका मानना है कि इससे बिहार के युवाओं को न केवल स्थानीय बल्कि वैश्विक रोजगार बाजार में भी बढ़त मिलेगी।
रोजगारपरक डिजिटल कौशल: समीक्षा के दौरान प्रशिक्षण की गुणवत्ता और प्रशिक्षुओं की भागीदारी पर विशेष चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कार्यक्रमों को इस तरह डिजाइन करें कि प्रशिक्षण पूरा होते ही युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।
कड़ी निगरानी के निर्देश: प्रशिक्षण केंद्रों की कार्यप्रणाली और प्रशिक्षुओं की उपस्थिति को लेकर मंत्री ने नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि सरकारी संसाधनों का शत-प्रतिशत लाभ युवाओं तक पहुँचे।
आत्मनिर्भर बिहार की दिशा में कदम: सूचना प्रावैधिकी विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक युवाओं को डिजिटल रूप से साक्षर और दक्ष बनाना है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और राज्य के विकास में योगदान दे सकें।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में विभाग के विशेष सचिव श्री अरविंद कुमार चौधरी सहित बिहार कौशल विकास मिशन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से रोडमैप तैयार किया गया।
“राज्य के युवाओं को डिजिटल सशक्तिकरण देना हमारी प्राथमिकता है। AI जैसे आधुनिक विषयों को शामिल करने से बिहार का युवा तकनीकी नवाचार में अग्रणी बनेगा।”
— श्रेयसी सिंह, आईटी मंत्री, बिहार
