पटना | 1 अप्रैल 2026
पटना को जलजमाव की समस्या से स्थायी मुक्ति दिलाने और शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बुधवार को नगर आयुक्त सह पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड (पीएससीएल) के प्रबंध निदेशक श्री यशपाल मीणा ने कुर्जी नाला, बाकरगंज नाला और राजवंशी नगर स्थित पंप हाउस का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ कर दिया कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बाकरगंज नाला: 11 बाधाएं और डेडलाइन ‘मॉनसून’
गांधी मैदान और उसके आसपास के घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लिए जीवनरेखा माने जाने वाले बाकरगंज नाले का 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने उन 11 स्थानों (पेन-प्वॉइंट्स) की पहचान की जहाँ अतिक्रमण या संकीर्णता के कारण काम की गति धीमी है।
विशेष निर्देश: इन 11 चिह्नित स्थानों के लिए अलग-अलग ‘माइक्रो-प्लान’ मुख्यालय को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
अतिरिक्त मजदूर: सिल्ट और मलबे की सफाई में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त मैनपावर लगाने को कहा गया है।
निगरानी: पीएससीएल और बुडको की एक संयुक्त टीम प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय को भेजेगी।
प्रभाव: परियोजना पूरी होने पर पीरमुहानी, लालजी टोला, सालीमपुर अहरा और अंटा घाट के निवासियों को खुले नाले और ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
कुर्जी नाला: 24 घंटे के भीतर सिल्ट उठाव का अल्टीमेटम
कुर्जी नाला सह सड़क परियोजना के निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि नाले की उड़ाही के 24 घंटे के भीतर सिल्ट (कीचड़) का उठाव सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए एंटी लार्वा का छिड़काव अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है।
लापरवाही पर गिरी गाज: अधिकारियों का वेतन रोकने का आदेश
राजवंशी नगर में जल बोर्ड के पुराने पंप हाउस के ध्वस्तीकरण कार्य में हो रही देरी पर पुराने ढांचे का मलबा समयबद्ध तरीके से हटाया जाए।
निरीक्षण के दौरान उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण दौरे में अपर नगर आयुक्त श्री राजन सिन्हा, पीएससीएल के सीईओ मो. शमशाद, बुडको के परियोजना निदेशक श्री विजय कुमार सहित पटना नगर निगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।
