पटना | 21 मार्च 2026 बिहार को आधुनिक कृषि और हरित विकास का हब बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। राजधानी के ज्ञान भवन में “बिहार नर्सरी एवं ग्रीन टेक्नोलॉजी कॉन्क्लेव 2026” का भव्य उद्घाटन किया गया।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्य के कृषि मंत्री श्री रामकृपाल यादव द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

कृषि मंत्री ने दिया ‘स्मार्ट फार्मिंग’ का मंत्र
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि है और इसे तकनीक से जोड़ना समय की मांग है। उन्होंने जोर देकर कहा कि Biotech, IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से खेती का आधुनिकीकरण अब सरकार की प्राथमिकता है। मंत्री जी ने बताया कि इन तकनीकों के प्रयोग से न केवल खेती की लागत कम होगी, बल्कि उत्पादन की गुणवत्ता और किसानों की आय में भी अभूतपूर्व बढ़ोतरी होगी।

नर्सरी और ‘मेडिका फूड्स’: उद्यमिता के नए द्वार
कॉन्क्लेव के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि अब बिहार का किसान सिर्फ पारंपरिक फसलों तक सीमित नहीं रहेगा। नर्सरी प्रबंधन और ‘मेडिका फूड्स’ (औषधीय एवं पोषक तत्व युक्त खाद्य पदार्थ) जैसे उभरते हुए क्षेत्र किसानों के लिए आय के नए द्वार खोल रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि यह पहल युवाओं को ‘एग्री-इंटरप्रेन्योर’ (कृषि उद्यमी) बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

युवाओं और नवाचार को प्रोत्साहन
कृषि मंत्री ने कॉन्क्लेव में प्रदर्शित विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया और कृषि स्टार्टअप्स से जुड़े युवाओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि “आइए, मिलकर बिहार को हरित विकास और आधुनिक कृषि इनोवेशन का अग्रणी राज्य बनाएं।” सरकार का लक्ष्य है कि डिजिटल फार्मिंग के माध्यम से गांव-गांव तक तकनीकी ज्ञान पहुंचे और खेती एक मुनाफे वाला व्यवसाय बने।
मुख्य आकर्षण:
स्मार्ट फार्मिंग: खेती में डिजिटल और एआई (AI) तकनीकों का समावेश।
ग्रीन इकोनॉमी: नर्सरी और बागवानी के जरिए पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक लाभ।
युवाओं को अवसर: कृषि क्षेत्र में नई उद्यमिता और स्टार्टअप को भारी प्रोत्साहन।
नेतृत्व का संकल्प: डॉ. प्रेम कुमार और रामकृपाल यादव द्वारा साझा विजन।
