बक्सर | 15 मार्च 2026
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं और बिहार की भावी राजनीति को लेकर एक बड़ा और विस्फोटक बयान दिया है। बक्सर में आयोजित मीडिया ब्रीफिंग के दौरान पीके ने राज्य की स्वायत्तता और भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।
”लोकप्रियता नहीं, ‘मैन्युफैक्चर्ड रिजल्ट’ का है असर”
नीतीश कुमार के दिल्ली जाने की खबरों पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि यह मुख्यमंत्री की बढ़ती लोकप्रियता या किसी राजनैतिक उपलब्धि का परिणाम नहीं है। उन्होंने इसे एक ‘मैन्युफैक्चर्ड रिजल्ट’ (नियोजित परिणाम) करार दिया। पीके के अनुसार, यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया गया बदलाव है, जिसका उद्देश्य बिहार की राजनीति की धुरी को पूरी तरह बदल देना है।
बिहार की नीतियों पर ‘गुजरात’ का साया!
प्रशांत किशोर ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अब बिहार की चाबी पटना के हाथ में नहीं रहेगी। उन्होंने दावा किया:
“अब भाजपा दिल्ली में बैठकर बिहार की सरकार चलाएगी।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि आने वाले समय में बिहार के भीतर जितने भी नीतिगत फैसले होंगे, वे बिहार की जनता की जरूरतों के बजाय गुजरात के हितों को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे।”
रिमोट कंट्रोल वाली सरकार: बिहार का शासन अब दिल्ली से नियंत्रित होगा।
स्वाभिमान का मुद्दा: पीके ने संकेत दिया कि बिहार के विकास मॉडल को बाहरी हितों के साथ समझौता करना पड़ सकता है।
राजनीतिक विदाई: नीतीश कुमार का दिल्ली जाना उनके बिहार के सक्रिय राजनैतिक सफर के ‘नियोजित अंत’ की शुरुआत है।
