गया: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने गुरुवार को गया में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार की वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। ‘समृद्धि यात्रा’ पर निकले सीएम नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए पीके ने कहा कि बिहार वास्तव में समृद्ध हुआ है, लेकिन विकास में नहीं, बल्कि ‘बेरोजगारी और पलायन’ में।
नीतीश राज में ‘भ्रष्टाचार की समृद्धि’
प्रशांत किशोर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नीतीश कुमार के शासनकाल में केवल भ्रष्टाचार समृद्ध हुआ है।
- नेताओं-अफसरों का विकास: पीके ने कहा, “बिहार के नेता और अफसर इतने समृद्ध हो गए हैं कि वे अब विदेशों में संपत्तियां खरीद रहे हैं। राज्य का पैसा लूटकर अपनी तिजोरियाँ भरी जा रही हैं।”
- सिस्टम पर हमला: उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में बिना रिश्वत के कोई काम नहीं होता और यह भ्रष्टाचार नीचे से ऊपर तक संस्थागत हो चुका है।
गरीबी का भयावह आंकड़ा: 100 रुपये भी नहीं कमाते 60% लोग
बिहार की आर्थिक बदहाली पर बात करते हुए प्रशांत किशोर ने चौंकाने वाले आंकड़े रखे। उन्होंने कहा:
”नीतीश जी जिस समृद्धि की बात कर रहे हैं, उसकी हकीकत यह है कि बिहार की 60 प्रतिशत आबादी आज भी प्रतिदिन 100 रुपया भी नहीं कमा पाती है। बिहार के लोग गरीबी और मजबूरी में जीने को विवश हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि बिहार आज पूरे देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी और पलायन वाला राज्य बनकर रह गया है। युवाओं के पास अपने घर में रोजगार नहीं है, इसलिए वे दूसरे राज्यों में अपमानित होने के लिए मजबूर हैं।
’जन सुराज’ का संकल्प: व्यवस्था परिवर्तन
प्रशांत किशोर ने जनता से अपील करते हुए कहा कि जब तक बिहार की जनता इस ‘भ्रष्ट व्यवस्था’ को नहीं बदलेगी, तब तक पलायन और गरीबी का यह चक्र नहीं टूटेगा। उन्होंने दोहराया कि जन सुराज का लक्ष्य केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जहां बिहार के बच्चों को रोजगार के लिए बाहर न जाना पड़े।
